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हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: तीन साल पहले अपहृत युवती की तलाश करेगी सीबीआइ

locationप्रयागराजPublished: Feb 10, 2024 09:01:08 am

Submitted by:

Krishna Rai

यूपी के फतेहपुर से तीन साल पहले अपहृत युवती की तलाश में पुलिस विफल हुई तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसकी जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी। न्यायालय का यह बड़ा फैसला माना जा रहा है।

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फतेहपुर के कल्याणपुर थानाक्षेत्र से तीन साल पहले अपहृत हुई युवती की तलाश करने में पुलिस विफल रही। जिसके बाद मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने युवती की तलाश करने की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी। इसके अलावा न्यायालय ने अगली सुनवाई की तिथि 21 अगस्त को सीबीइ से प्रगति रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने दिया है। नाराज कोर्ट ने मामले में बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस अपने दायित्वों का निर्वहन करने में विफल रही, जबकि इस मामले की निगरानी खुद पुलिस महानिदेशक द्वारा की जा रही है।
फतेहपुर और प्रयागराज पुलिस के अलावा एसआइटी भी जुटी
फतेहपुर से अपहृत युवती की तलाश करने के लिए फतेहपुर के अलावा प्रयागराज पुलिस और एसआइटी की टीमें भी तलाश में जुटी हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार पहले युवती की लोकेशन गुजरात में मिली थी, लेकिन वह वहां नहीं मिली। वहीं कोर्ट ने कहा कि वैयक्तिक जीवन की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा जरूरी है। इसलिए सीबीआई जांच कर लापता युवती का पता लगाए।
युवती की मां ने बताई घटना
लापता युवती की मां ने बताया कि बेटी की शादी सुमित कुमार के साथ हुई थी। मार्च २०२१ में वह अपने पति के साथ मायके आई हुई थी। इसी दौरान तीन असामाजिक तत्वों ने उसका अपहरण कर लिया। पुलिस ने पहले मामले की शिकायत दर्ज नहीं की। मामले की शिकायत सीएम पोर्टल, एसपी फतेहपुर और एसएससीएसटी आयोग से की गई। फिर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद 10 दिसंबर 2021 को पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की। कोर्ट ने कहा कि पुलिस को कई मौके दिए गए, लेकिन पुलिस नाकाम रही।
लगातार कोर्ट में पेश होते रहे एसआइटी और पुलिस के अधिकारी
पुलिस टीमें जब लापता युवती का पता लगाने में नाकाम रहीं तो कोर्ट ने प्रकरण की जांच एसआइटी से कराने और आईजी प्रयागराज को मामले की मानीटरिंग करने का निर्देश दिया तो 19 जुलाई 2022 को एसआइटी का गठित की गई। इसके बाद भी जब लापता युवती का पता नहीं लगा तो कोर्ट ने डीजीपी से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा। पुलिस और एसआइटी अधिकारी इस मामले को लेकर लगातार हाईकोर्ट में पेश होते रहे। हांलाकि अब उच्च न्यायालय ने युवती के तलाश की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी है।

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