राजा भइया ने कराया 101 जोड़ों के भव्य सामूहिक विवाह का आयोजन, अभिभावक की तरह किया बारात का स्वागत

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Apr, 16 2018 10:48:22 PM (IST)

Allahabad, Uttar Pradesh, India

राजा भइया का सामूहिक विवाह आयोजन

1/5

कुंडा के बजरंग डिग्री कॉलेज में राजा भइया की ओर से आयोजित हुआ सामूहिक विवाह कार्यक्रम, हिन्दू-मुस्लिम दोनों जोड़ों की हुई शादी।

प्रतापगढ़. बाहुबली निर्दलीय विधायक राजा भइया के समर्थकों के संगठन राजा भइया यूथ ब्रिगेड की देखरेख में सोमवार को कुंडा में एक बड़े सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें 101 जोड़ों की शादी करायी गयी। खुद राजा भइया ने पहुंचकर वर-वधु को आशीर्वाद दिया। उन्हें गृहस्थी बयाने के सामान तोहफे के रूप में दिये गए। इस सामूहिक विवाह में हिन्दू और मुस्लिम दोनों वर्गों की लड़कियों का विवाह कराया गया। बड़ी बात यह कि ब्रिगेड की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम ने सरकार की ओर से आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम को पीछे कर दिया। शादी के तोहफे, कार्यक्रम की भव्यता और खाने-पीने तक में यह सरकारी आयोजन से कहीं बेहतर रहा। इस तरह के आयोजन 1993 से लगातार चले आ रहे है।


पहली बार 1993 में जो सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था, उसमें 25 जोड़ों की शादी करायी गयी थी। 2017 में विवाह वाले जोड़ों की तादाद 101 तक पहुंच गयी। हर साल की तरह इस साल भी कुंडा के बजरंग डिग्री कॉलेज परिसर में भव्य सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राजा भइया यूथ ब्रिगेड ने संभाल रखी है। आयोजन की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। रविवार को वर वधू और उनके परिवार के लोग व कुछ रिश्तेदार बजरंग इंटर कॉलेज में आयोजन स्थल पर पहुंच गए। इन लोगों के लिये खाने-पीने का पूरा प्रबन्ध आयोजकों की ओर से किया गया है। सभी जोड़ों के लिये आयोजन स्थल पर ही अलग-अलग केबिन की व्यवस्था की गई थी जिसमें उन्हें तैयार किया जा सके और सजाया जा सके। रविवार को राजा भइया ने पहुंचकर वहां आयोजन और उसकी तैयारियों की अंतिम जांच की। उन्होंने दुल्हन को तोहफे में दिये जाने वाले गृहस्थी के सामानों को भी देखा।


गाजे-बाजे, डीजे और पटाखों के साथ बाराज निकली जो पूरे कुंडा में घूमने के बाद आयोजन स्थल पर पहुंची। रात में विवाह समारोह शुरू होने के पहले वहां राजा भइया के पहुंचने के बाद जैसे आयोजन की रौनक बढ़ गयी। एक ही मंडप में एक तरफ विवाह के लिये मंत्रोच्चर शुरू हुआ तो दूसरी ओर मुस्लिम लड़कियों के निकाह के लिये मौलवी ने परंपरागत रीति रिवाज के साथ शुरूआत की। राजा भइया जोड़ों और उनके परिजनों से मिले। इसके बाद शादी की रस्में शुरू हुईं। आयोजन पूरी रात चलेगा। शादी में लड़कियों की विदायी के समय खुद राजा भइया उन्हें आशीर्वाद देंगे उन्हें तोहफा देकर विदा करेंगे। कपड़े और कुछ गहनों के अलावा सभी को टीवी, साइकिल, किचन में काम आने वाले स्टील और एल्यूमीनियम के सारे बर्तन, अटैची, बेड व कुर्सियां आदि तोहफे में शामिल रहीं।
by Sunil Somvanshi

Ad Block is Banned