पहली बार संघ प्रमुख के साथ राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के क्या हैं मायने?

- 24 नवम्बर को पहली बार संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ मंत्रणा करेगा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
- बीमारी के चलते बैठक से दूर रह सकते हैं ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, सभी सदस्यों को भेजी गई सूचना

By: Hariom Dwivedi

Updated: 22 Nov 2020, 02:42 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
प्रयागराज. 24 नवम्बर को प्रयागराज में पहली बार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में आरएसएस और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होने जा रही है। इसकी सूचना ट्रस्ट के सभी सदस्यों को दी जा चुकी की है। हालांकि, संभावना है कि अस्वस्थ चल रहे ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास इस बैठक से दूर रहेंगे। बैठक में अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर की भव्यता और दिव्यता पर चर्चा होगी। साथ ही मंदिर निर्माण तक जनभागीदारी बनी रहे, इस मुहिम को तेज करने की रणनीति बनाई जा सकती है। इस दौरान ट्रस्ट संघ प्रमुख को अपनी अपेक्षाओं से अवगत कराएगा।

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प्रयागराज में होने वाली आरएसएस और ट्रस्ट की बैठक से पहले भी 20 अगस्त को रामनगरी में आरएसएस के पदाधिकारियों और मंदिर निर्माण ट्रस्ट की बैठक हो चुकी है। इस बैठक में सरकार्यवाह भैयाजी जोशी व सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल शामिल हुए थे। उस बैठक में भी जनभागीदारी को बढ़ाने की योजना पर मंथन हुआ, जिसमें तय हुआ था कि जनभागीदारी मुहिम से 10 करोड़ परिवारों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ा जाएगा।

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