scriptAlwar lags behind again, Churu wins | अलवर फिर पिछड़ा, चूरू ने बाजी मारी | Patrika News

अलवर फिर पिछड़ा, चूरू ने बाजी मारी

locationअलवरPublished: Jan 20, 2024 11:36:35 am

Submitted by:

jitendra kumar

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से सरकारी स्कूलों की जारी रैंकिंग पुराने 16 ब्लॉकों के अनुसार रही है। पिछले पांच माह से अलवर जिले की रैंकिंग में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। अब तक टॉप-20 में भी शामिल नहीं हो सके हैं। पूरे राजस्थान में अलवर ने 31.08 अंकों के साथ 28 वीं रैंक हासिल की है।

अलवर फिर पिछड़ा, चूरू ने बाजी मारी
अलवर फिर पिछड़ा, चूरू ने बाजी मारी
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से सरकारी स्कूलों की जारी रैंकिंग पुराने 16 ब्लॉकों के अनुसार रही है। पिछले पांच माह से अलवर जिले की रैंकिंग में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। अब तक टॉप-20 में भी शामिल नहीं हो सके हैं। पूरे राजस्थान में अलवर ने 31.08 अंकों के साथ 28 वीं रैंक हासिल की है। विभाग के अनुसार तय किए गए पैरामीटरों पर शिक्षा विभाग खरा नहीं उतार है। जबकि राजस्थान में अलवर की जनसंख्या तीसरे स्थान पर आती है और अलवर दो राजधानियों के मध्य बसा है। यहां पर अधिकारियों और राजनेताओं का आना-जाना रहता है, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी और राजनेता की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कोई प्रयास सामने नहीं आए हैं। वहीं अलवर के 16 ब्लॉकों में से छह ब्लॉक तो ऐसे हैं जिनके अंकों में काफी कमी आई है। राजस्थान में 55 अंकों के साथ प्रथम स्थान पर चूरू और अंतिम स्थान पर 27 अंकों के साथ जयपुर रहा है।
रैंकिंग गिरने के ये रहे कारण : स्कूल शिक्षा की रैंकिंग में इस बार शाला दर्पण पर विद्यार्थियों की रैंकिंग अच्छी नहीं रही है। इस कारण दिसम्बर माह की रैंकिंग 28 तक पहुंची। नवम्बर माह की रैंकिंग में अलवर ने 29 वां स्थान हासिल किया और अक्टूबर माह की रैंकिंग 24 रही। बताया जा रहा है कि अलवर के तीन हिस्सों में बट जाने के कारण कई ब्लॉकों में कर्मचारियों का टोटा है। साथ ही नवम्बर और दिसम्बर माह में विधानसभा चुनावों का सिलसिला चला। इससे शिक्षकों की उपिस्थति स्कूलों में कम रही। पैरामीटर में पांच अंक उपिस्थति के दर्ज किए जाते हैं।
ये हैं रैंकिंग के मानक : स्कूली शिक्षा की रैंकिंग के लिए चार श्रेणियां तय की गई हैं। हर श्रेणी के अपने-अपने अंक निर्धारित हैं। शैक्षणिक श्रेणी के 100 अंक, नामांकन के 20 अंक, सामुदायिक सहभागिता के 20 अंक और आधारभूत सुविधाओं के 10 अंक तय हैं। शैक्षणिक श्रेणी के अंकों को 7 बिंदुओं में, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के अंकों को 3-3 बिंदु और आधारभूत सुविधाओं के अंकों को 2 बिंदुओं में बांटा गया है।
अलवर में इस प्रकार है रैंकिंगब्लॉक अंक

गोविंदगढ़ 51.99

लक्ष्मणगढ़ 50.92

बहरोड़ 50.09

नीमराणा 49.57

बानसूर 48.11

कठूमर 47.90

उमरैण 47.46

मुंडावर 47.38

रैणी 41.26
थानागाजी 40.90

रामगढ़ 36.76

कोटकासिम 35.83

किशनगढ़बास 32.33

तिजारा 31.82

राजगढ़ 30.83

मालाखेड़ा 28.62
टॉप रैंकिंग वाले जिलेरैंकिंग जिला अंक

1 चूरू 55

2 कोटा 54.06

3 झालावाड़ 53.84
4 हनुमानगढ़ 51.99

5 राजसमंद 51.79

लास्ट रैंकिंग वाले जिले

रैंकिंग जिला अंक

28 अलवर 31.08

29 दौसा 30.10

30 टोंक 30.00

31 बाडमेर 29.57

32 जैसलमेर 29.33
33 जयपुर 29.62
स्कूलों को रैंकिंग सुधारने के दिए आदेशअलवर जिले में कई ब्लॉकों में संचालित स्कूलों में अंक कम आए हैं। इसका कारण रैंकिंग गिरी है।जिन ब्लॉकों में अंक कम है उन सभी स्कूलों को आदेश जारी किए गए हैं। अंकों में सुधार किया जाए।
रामेश्वर दयाल मीणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, अलवर।

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