अलवर मॉब लिंचिंग: गो-तस्करी के शक में रकबर की हत्या मामले में हुआ बड़ा खुलासा

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By: kamlesh

Published: 23 Jul 2018, 03:33 PM IST

अलवर/रामगढ़। गोतस्करी के शक में रकबर उर्फ अकबर की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने ३ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को रविवार को पुलिस रिमांड पर भी सौंप दिया गया है। यह मामला पुलिस के लिए गले की फांस भी बन गया है। रामगढ़ थाने के एएसआइ मोहन सिंह ने घायल रकबर को अस्पताल से पहले थाने ले जाने की बात कही है। इससे अब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर पुलिस घायल रकबर को अस्पताल के बजाय थाने क्यों ले गई? पुलिस ने तीन घंटे तक रकबर के साथ वहां क्या किया? गौरतलब है कि पुलिस रात एक बजे रकबर को लेकर थाने पहुंची, जबकि उसे सुबह 4 बजे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।

यह हुआ उस रात
12.30 बजे रात को घटना हुई
12.41 बजे पुलिस को सूचना
12.50 बजे तीन किलोमीटर की दूरी से पुलिस पहुंची
1 बजे पुलिस रकबर को थाने लेकर गई
4 बजे सुबह उसे अस्पताल ले जाया गया


पुलिस ने रकबर को नहलाकर गाड़ी में बैठाया
प्रत्यक्षदर्शी नवल किशोर ने बताया कि पुलिस को मैंने सूचना दी और पुलिस के साथ ललावंडी गया। पुलिस को देख कुछ लोग मौके से भाग गए। वहां परमजीत व धर्मेन्द्र यादव खड़े मिले। रकबर मिट्टी में सना खेत मेें पड़ा था।

एएसआइ और जीप चालक ने उसे संभाला और सडक़ पर लाते-लाते दो-तीन घूंसे जड़ दिए। रकबर के कीचड़ में सना होने के चलते गाड़ी के गंदा होने का हवाला देकर जीप में बैठाने से मना कर दिया। इस पर दोनों युवक मदन कोली के बोर पर बने कुंड से पानी भरकर लाए और रकबर को नहला गाड़ी में बैठाया। धर्मेन्द्र व परमजीत गोवंश को लेकर पैदल-पैदल व पुलिस रकबर को गाड़ी में लेकर थाने गए।

इस बीच गोविन्दगढ़ मोड पर पुलिस ने चाय पी। इस दौरान रकबर ने भी पानी पिया। एएसआइ ने धर्मेन्द्र से रकबर के लिए कपड़े लाने की कहा। एएसआइ ने रकबर को दूसरे कपड़े थाने में धर्मेन्द्र से मंगाकर ही पहनाए। इसके बाद रकबर तीन घंटे थाने में रहा। पुलिस अपना दोष दूसरों के सिर मंढ रही हैं।

एएसआइ ने कहा- कार्रवाई में वक्त लग गया
घायल रकबर को थाने लेकर पहुंचे एएसआइ मोहन सिंह ने बताया कि वे रकबर को थाने लाए थे। यहां लिखत-पढ़त सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की गई।

इसमें इतना समय लगा। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां मौत हो गई। हालांकि उन्होंने थाने में रकबर से मारपीट किए जाने से इनकार किया। उधर, अलवर एसपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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