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अलवर में भीषण गर्मी का असर: पहली से आठवीं तक के स्कूलों का समय बदला

राजस्थान के अलवर जिले में बढ़ते तापमान और लू (हीटवेव) के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा निर्णय लिया है।

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representative picture (AI)

राजस्थान के अलवर जिले में बढ़ते तापमान और लू (हीटवेव) के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा निर्णय लिया है। जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत आदेश जारी कर जिले के सभी प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों के संचालन के समय में बदलाव कर दिया है।

अलवर जिले में पिछले कुछ दिनों से सूरज के तेवर तल्ख होते जा रहे हैं। पारा लगातार बढ़ने और मौसम विभाग द्वारा लू (हीटवेव) की चेतावनी जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए, जिला कलक्टर स्कूली समय में फेरबदल करने के निर्देश दिए हैं।

नए आदेश के मुख्य बिंदु

जारी आदेशानुसार 27 अप्रेल से अलवर जिले के सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए स्कूल का समय अब सुबह 07:30 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा। यह निर्णय जिला शिक्षा अधिकारी के अनुरोध पर लिया गया है। हालांकि, कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ के लिए समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है, उनका समय पहले की तरह ही यथावत रहेगा।


जिला कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से इस आदेश की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करवाएं। यदि कोई भी निजी या सरकारी स्कूल इन निर्देशों की अवहेलना करता है, तो आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

अलवर में आगामी दिनों का मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अलवर में अगले 4-5 दिनों तक भीषण गर्मी और लू का दौर जारी रहने की संभावना है। जिले में अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय पर्याप्त पानी पिलाएं और सावधानी बरतें। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। साथ ही खीरे, ककड़ी, छाछ का सेवन बेहतर होता है।