8 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नौकरी की तलाश के बजाए पढ़े-लिखे युवा कर रहे ये काम, महीने की कमाई लाखों में

बहरोड़ के राठ क्षेत्र के कई गांवों के शिक्षित युवा पिछले कुछ वर्षो से नौकरी की तलाश के बजाय सब्जी की खेती कर रहे हैं। जो हर माह औसतन एक लाख रुपए सब्जी की खेती से कमा रहे हैं। ये युवा न सिर्फ अपना भविष्य संवार रहे हैं बल्कि अन्य युवा किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं।
2 min read
Google source verification

अलवर

image

Akshita Deora

Apr 05, 2024

vegetable_cultivation_.jpg

बहरोड़ के राठ क्षेत्र के कई गांवों के शिक्षित युवा पिछले कुछ वर्षो से नौकरी की तलाश के बजाय सब्जी की खेती कर रहे हैं। जो हर माह औसतन एक लाख रुपए सब्जी की खेती से कमा रहे हैं। ये युवा न सिर्फ अपना भविष्य संवार रहे हैं बल्कि अन्य युवा किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। क्षेत्र के कई पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक बाहर जाने के बजाय घर में रहना पसंद कर रहे हैं। वे यहां सब्जी की खेती कर अपनी तकदीर संवार रहे हैं। इससे सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं। क्षेत्र के बर्डोद, जैनपुरबास, पहाड़ी, अनंतपुरा सहित अन्य गांवों में युवा किसान सब्जी की खेती कर अच्छा उत्पादन कर रहे हैं।

बाहर से आते हैं व्यापारीक्षेत्र के ग्राम खेड़की निवासी भूपेश यादव ने बताया कि प्रतिदिन यहां सब्जी के लिए बाहर के व्यापारियों के वाहन आते हैं। वह यहां तीस बीघा में खीरा, टिण्डे, मिर्च, तरबूज, लौकी, प्याज उगा कर हर माह औसतन एक लाख रुपए कमाते हैं। वह स्वयं स्नातक है। यहां पर खेती करने वालों में मैट्रिक, स्नातक और अन्य डिग्रीधारी दर्जनों युवा शामिल हैं।
यह भी पढ़ें : Paper Leak: पुलिस गिरफ्त में फर्जी ट्रेनी SI मंजू, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मॉक इंटरव्यू


दूसरों के लिए बने प्रेरेणा : भूपेश सहित कई युवा यहां पर खीरा, मिर्ची, टिण्डा, तरबूज, टमाटर सहित अन्य हरी सब्जियों की खेती कर न सिर्फ अपने परिवार की किस्मत संवार रहे हैं बल्कि दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बने हैं। इनकी देखादेखी कई युवा अब खेती में अपना भविष्य बनाने के लिए जुट गए है। जिसमें उनके परिजन भी उनका सहयोग करते है।
यह भी पढ़ें : काजू-बादाम से भी महंगी है मारवाड़ की ये सब्जी, बेचने वालों की हो रही बल्ले-बल्ले, विदेशों तक हाई डिमांड

भूपेश ने बताया कि वह और अन्य युवा किसान सब्जी उत्पादन के लिए रासायनिक खाद के बजाए गोबर खाद उपयोग में ले रहे है और कीटनाशक दवा भी छाछ, दही और देशी सामग्री उपयोग लेकर बना रहे है जो स्वास्थय को नुकसान नहीं पहुचाते है।

इनका कहना हैक्षेत्र के कई गांवों में युवा सब्जी उत्पादन कर रहे है। कई युवा गोबर खाद व कीटनाशक बना कर उनको सब्जी उत्पादन में उपयोग कर नवाचार कर रहे है।
- राकेश यादव, सहायक निदेशक कृषि विस्तार बहरोड़