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बुजूर्ग पेंशनर दवा के लिए क्यों है परेशान जाने क्या है वजह

locationअलवरPublished: Nov 18, 2023 12:51:26 pm

Submitted by:

Jyoti Sharma


जिले में हैं 22 हजार से ज्यादा पेंशनर, दवा का बना हुआ है टोटा

अलवर. पेंशनरों के हित के लिए चलाई जा रही आजीएचएस योजना, राजस्थान गवरमेंट हेल्थ योजना का अलवर में कोई धणी धोरी नहीं है। ऐसे में दवाओं व बीमारियां से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पेंशनरों को अलवर से जयपुर तक धक्के खाने पड़ रहे हैं। इधर सरकारी व निजी मेडिकल स्टोर पर सरकार का लाखों रुपए का बकाया होने के कारण उपभोक्ता भंडारों ने पेंशनर्स को दवा देना ही बंद कर दिया हैं। ये अलवर शहर के ही नहीं बल्कि जिले भर के पेंशनर परेशान है।

बुजूर्ग पेंशनर दवा के लिए क्यों है परेशान जाने क्या है वजह
बुजूर्ग पेंशनर दवा के लिए क्यों है परेशान जाने क्या है वजह
पेशनर समाज की शाखाएं रामगढ, गोविंदगढ़, खेड़ली, थानागाजी, बहरोड, बानसूर, किशनगढ़बास, तिजारा, रैणी के पेंशनर भी परेशान हो रहे हैं। गांवों में भी दवाएं नहीं मिल पा रही है।

अलवर में हैं 20 हजार से अधिक पेंशनर
अलवर जिले में करीब 20 हजार से ज्यादा पेंशनर्स है। इसमें पारिवारिक पेंशनर व सेवानिवृत्त पेंशनर दोनों ही शामिल है। कि सेवानिवृत्त होने के बाद राज्य सरकार की आरजीएचएस योजना से जुड़ गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में पेंशनर होने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से कोई अधिकारी इस योजना की मॉनिटरिंग के लिए नहीं लगाया गया हैं। राज्य सरकार आउटडोर में एक पेंशनर को एक साल में करीब 30 हजार रुपए की दवा खरीदने की राहत देती है। जबकि इनडोर में एक पेंशनर को प्रतिदिन करीब एक हजार व साल में साढे चार लाख रुपए की दवा खरीदने की राहत देती है।
लाखों का है बकाया, बना हुआ है आर्थिक संकटइधर, उपभोक्ता भंडार संचालकों का कहना है कि ज्यादातर उपभोक्ता भंडार में करीब 15 से 20 लाख का बकाया है। सरकार को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं लेकिन फिर भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। आर्थिक संकट बना हुआ है। फार्मा कंपनियां भी पैसा मांग रही है।
फैक्ट फाइल

अलवर शहर में पेंशनर - 9 हजार

अन्य उपशाखाओं में पेंशनर- 13 हजार

अलवर शहर में पेंशनर शाखा- 15

उपभोक्ता भंडार का बकाया- 80 लाख से अधिक

केस एक
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पेंशनरों को आरजीएचएस योजना के तहत मिलने वाली दवाएं मेडिकल स्टोर से नहीं मिल रही हैं। अलवर में कोई अधिकारी इस योजना के लिए नियुक्त नहीं है। जयपुर में आरजीएचएस योजना के प्रभारी से बात हुई हैं उन्होंने कहा हैँ कि सरकार ने बजट दे दिया हैं अब जल्द ही दवा मिलनी शुरू हो जाएगी।मधुसुदन शर्मा, जिलाध्यक्ष, पेंशनर समाज, अलवर।

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