scriptPopulation of 40 lakhs, sonography facility in only 2 hospitals | 40 लाख की जनसंख्या, 2 अस्पतालों में ही सोनोग्राफी की सुविधा, चलाने को रेडियोलोजिस्ट नहीं | Patrika News

40 लाख की जनसंख्या, 2 अस्पतालों में ही सोनोग्राफी की सुविधा, चलाने को रेडियोलोजिस्ट नहीं

locationअलवरPublished: Dec 12, 2023 12:05:41 pm

Submitted by:

bhuvanesh vashistha

सरकार भले ही राजकीय अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने का लाख दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। हालात यह है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सोनोग्राफी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार पुराने अलवर जिले की जनसंख्या 40 लाख से अधिक है। वहीं, सरकारी व प्राइवेट अस्पताल सहित जिले में कुल 100 सोनोग्राफी सेंटर संचालित है। इसमें से अलवर के जिला अस्पताल और भिवाड़ी जिला अस्पताल को छोड़कर किसी भी सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नही

40 लाख की जनसंख्या, 2 अस्पतालों में ही सोनोग्राफी की सुविधा, चलाने को रेडियोलोजिस्ट नहीं
40 लाख की जनसंख्या, 2 अस्पतालों में ही सोनोग्राफी की सुविधा, चलाने को रेडियोलोजिस्ट नहीं

मरीज निजी सेंटर्स पर सोनोग्राफी कराने का मजबूर

सरकार भले ही राजकीय अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने का लाख दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। हालात यह है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सोनोग्राफी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार पुराने अलवर जिले की जनसंख्या 40 लाख से अधिक है। वहीं, सरकारी व प्राइवेट अस्पताल सहित जिले में कुल 100 सोनोग्राफी सेंटर संचालित है। इसमें से अलवर के जिला अस्पताल और भिवाड़ी जिला अस्पताल को छोड़कर किसी भी सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
यह है सरकारी अस्पतालों की िस्थति:

पुराने अलवर जिले में 5 सरकारी चिकित्सा संस्थानों में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध है। इसमें से केवल 2 चिकित्सा संस्थानों में ही सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है। इसमें भी स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार अलवर के जिला अस्पताल में 4 सोनोग्राफी की मशीन है। इसमें सामान्य अस्पताल व महिला अस्पताल में 2-2 मशीन है, लेकिन इसमें से केवल 2 मशीन ही उपयोग में आ रही है। जबकि एक मशीन जेल डिस्पेंसरी में है, यहां आवश्यकता पड़ने पर जिला अस्पताल से ही एक चिकित्सक उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही एक मशीन भिवाड़ी के जिला अस्पताल में संचालित है। वहीं, सेटेलाइट अस्पताल काला कुआं और राजगढ़ सीएचसी पर सोनोग्राफी की मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन स्टाफ नहीं होने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
जिले में एक भी रेडियोलोजिस्ट नहीं:
कहने को तो अलवर जिले में मेडिकल कॉलेज संचालित है, लेकिन यहां काफी लंबे समय से एक भी रेडियोलोजिस्ट नहीं है। फिलहाल अलवर व भिवाड़ी जिला अस्पताल में डिप्लोमाधारक चिकित्सक सोनोग्राफी करा रहे हैं। इसके साथ ही बानसूर अस्पताल में 2 एवं बहरोड़, तिजारा व मालाखेड़ा सीएचसी और खैरथल सेटेलाइट अस्पताल में एक-एक डिप्लोमाधारक चिकित्सक कार्यरत है, लेकिन यहां सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध नहीं है।
कहां कितने सोनोग्राफी सेंटर्स:
अलवर शहर में 49 एवं लक्ष्मणगढ़, थानागाजी, राजगढ़, रामगढ़ व कठूमर में 2-2 सोनोग्राफी सेंटर संचालित हैं। इसी तरह बानसूर में 4, किशनगढ़बास में 6, बहरोड़ में 7, नीमराना में 6 व तिजारा में 18 सोनोग्राफी सेंटर
संचालित हैं।

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