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Rajasthan : मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में बड़ा घोटाला, 9 लाख से भी ज्यादा दवाओं में मिली गड़बड़ी, वसूली के आदेश

Alwar News : कोटपूतली-बहरोड़ जिले के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों ( पीएचसी) पर मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में लाखों रुपए का घोटाला सामने आया है।

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अलवर

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Kirti Verma

May 22, 2024

Alwar News : कोटपूतली-बहरोड़ जिले के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों ( पीएचसी) पर मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में लाखों रुपए का घोटाला सामने आया है। इस मामले में शाहजहांपुर के ब्लॉक सीएमएचओ ने संबंधित एनजीओ को दवाओं की वसूली राशि 9 लाख 72 हजार 840 रुपए तीन दिन में राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के भौतिक सत्यापन में शाहजहांपुर ब्लॉक के नंगली बलाई पीएचसी में 3 लाख 73 हजार 786, डाबडवास में 2 लाख 6 हजार 892 और डूमरोली पीएचसी में 3 लाख 93 हजार 261 रुपए की दवाएं कम पाई गई थीं।

यह है पूरा मामला
सरकार की ओर से साल 2019 से 2021 तक दो साल के लिए नंगली बलाई, डाबडवास व डूमरोली प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को पीपीपी मोड पर दवा मुहैया कराने का ठेका स्पर्श चिल्ड्रन ऐमिनोसिपेशन सोसायटी फोर सोशियल चेंज एण्ड एक्सन कोटपूतली को दिया गया था। इस दौरान तीनों चिकित्सा संस्थानों पर दवाएं सरकारी स्टोर से ही उपलब्ध कराई गई थीं। इस बीच चिकित्सा संस्थानों के संचालन में अनियमितता की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से औषधि सॉटवेयर के माध्यम से स्टोर से उपलब्ध कराई दवाओं और अस्पतालों के दवा वितरण केन्द्रों पर उपलब्ध दवाओं का भौतिक सत्यापन कराया गया था। इसमें तीनों चिकित्सा केन्द्रों पर 9 लाख 72 हजार 840 रुपए की दवाओं में गड़बड़ी मिली थी।

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विभागीय कार्यशैली पर भी उठ रहे सवाल
जानकारी के अनुसार समस्त चिकित्सा संस्थानों पर जिला औषधि भंडार से दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। नियमानुसार औषधि भंडार से दवा वितरण केन्द्रों पर सालभर की अनुमानित खपत के हिसाब से दवाएं भेजी जाती हैं। इसके बाद कोई दवा खत्म होने पर मांग के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसकी सॉटवेयर में एंट्री की जाती है। जिससे औषधि भंडार को भी दवाओं की खपत की जानकारी होती है। इसके बाद भी औषधि भंडार ने दवाओं के रिकॉर्ड की जांच करना मुनासिब नहीं समझा और लगातार 2 साल तक दवाएं अलॉट करते रहे।

शाहजहांपुर ब्लॉक की तीन पीएचसी में उपलब्ध दवाओं के भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी पाई गई थी। इस मामले में संबंधित सीएमएचओ, ब्लॉक सीएमएचओ एवं पीएचसी प्रभारियों को उक्त अवधि में ओपीडी व आईपीडी में उक्त दवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें दवाओं का इंद्राज नहीं पाए जाने की स्थिति में तात्कालिक जिमेदार अधिकारी व कर्मचारियों के साथ ही सेवा प्रदाता संस्था से वसूली के निर्देश दिए गए हैं।

- डॉ. योगेन्द्र शर्मा, मुय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलवर