डायरिया से दादी-पोते की मौत, 4 गंभीर, इस बात से गुस्साए मंत्री ने डॉक्टरों को लगाई फटकार

डायरिया से दादी-पोते की मौत, 4 गंभीर, इस बात से गुस्साए मंत्री ने डॉक्टरों को लगाई फटकार

Ram Prawesh Wishwakarma | Publish: Sep, 20 2017 05:27:31 PM (IST) Ambikapur, Chhattisgarh, India

ग्राम पंचायत खंधौरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर इलाज नहीं होने के बाद प्राइवेट अस्पताल चले जाने से नाराज हुए श्रममंत

बैकुंठपुर. ग्राम पंचायत खंधौरा में उल्टी-दस्त के कहर से दादी व पोते की मौत हो गई। वहीं ४ ग्रामीण गंभीर रूप से पीडि़त हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर इलाज नहीं मिलने के कारण चारों मरीज प्राइवेट अस्पताल की शरण में चले गए हैं। इसकी जानकारी जब श्रममंत्री भैयालाल राजवाड़े को लगी तो उन्होंने अस्पताल पहुंच स्वास्थ्य अमले को जमकर फटकार लगाई और पीडि़त मरीजों को तत्काल ढूंढने के निर्देश दिए हैं।


कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत खंधौरा के काफी संख्या में ग्रामीण उल्टी-दस्त से पीडि़त हैं। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर इलाज नहीं मिलने के कारण अस्पताल में भर्ती 4 मरीज भी कहीं चले गए हैं। वहीं बुधवार को बैकुंठपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में एक बालक सलमान पिता महिपाल की मौत हो गई। एक सप्ताह पहले भी उल्टी-दस्त के प्रकोप से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी।

बुजुर्ग महिला महिपाल की मां बताई जा रही है। ऐसे में डायरिया ने दादी-पोते की जान ले ली। मामले में जनपद सदस्य गुलाल सिंह ने श्रम, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भईयालाल राजवाड़े को फोन पर खंधौरा में उल्टी-दस्त फैलने की जानकारी दी। सूचना मिलने ही एक घंटे बाद श्रममंत्री राजवाड़े ग्राम पंचायत खंधौरा पहुंच गए और सीएमएचओ सहित स्वास्थ्य अमले के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य अमले ने आनन-फानन में साप्ताहिक बाजार स्थल पर शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण शुरू कर दिया है। जिसमें २९ ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी गई है। श्रममंत्री ने ग्रामीणों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखने और उल्टी-दस्त की शिकायत मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य अमले को जानकारी उपलब्ध कराने कहा है। इस दौरान सीएमएचओ डॉ एसएस पैकरा, डॉ एके करण सहित अन्य स्टाफ मौजूद थे।


प्राइवेट अस्पताल की शरण में 4 पीडि़त
जानकारी के अनुसार उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर परिजनों ने ४ मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरमी में भर्ती कराया था। जिसमें जीवनराम पिता अर्जुन (23), दलसाय पिता जगतराम (25), बिजेंद्र कुमार पति गुरुचरण (22), गुुरुचरण पिता बोधन (25) शामिल थे। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर इलाज नहीं मिलने और लापरवाही बरतने पर अचानक कहीं चले गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बैकुंठपुर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया है। मामले में श्रममंत्री राजवाड़े ने स्वास्थ्य अमले को जमकर फटकार लगाई और तत्काल पीडि़त मरीजों को हर हाल में ढूंढने के निर्देश दिए हैं।


लगातार लगाएं शिविर, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
श्रममंत्री राजवाड़े ने उल्टी-दस्त से पीडि़त ग्राम पंचायत खंधौरा में लगातार शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान ग्रामीण का उपचार करने में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं गंभीर रूप से पीडि़त मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल रेफर करने और पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराने कहा है। श्रममंत्री ने ग्राम पंचायत के हर घर का डोर-टू-डोर सर्वे कर उल्टी दस्त पीडि़तों को बेहतर उपचार कराने और पेयजल सहित अन्य जल स्रोत में दवा छिड़काव करने, सैंपल लेकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।


जनपद सदस्य ने कहा, स्वास्थ्य अमले की लापरवाही
जनपद सदस्य सिंह ने उल्टी-दस्त फैलने पर स्थानीय स्वास्थ्य अमले को जानकारी दी थी, लेकिन स्वास्थ्य अमला किसी प्रकार ध्यान नहीं दिया। जिससे गांव में लगातार उल्टी-दस्त के मरीज बढऩे लग गए हैं। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ की लापरवाही और बेहतर उपचार नहीं मिलने के कारण ग्रामीण प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराने को मजबूर हो गए हैं।

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