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गोधन न्याय योजना: वर्मी कंपोस्ट बेचकर कमाए 1 करोड़ 34 लाख रुपए

Godhan Nyay Yojana: गोबर (Dung) से वर्मी कंपोस्ट बनाने की तेजी से चल रही प्रक्रिया, स्व-सहायता समूह की महिलाएं हो रही आत्मनिर्भर (Self Dependent)

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Woman prepared vermi compost

Vermi compost

अंबिकापुर. कलक्टर संजीव कुमार झा (Surguja Collector) के निर्देशानुसार गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

इससे किसानों के साथ-साथ गोठान समिति तथा स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित हो रही है। वर्मी खाद को समिति के माध्यम से विक्रय कर राशि संबंधितों के खाते में जमा की जा रही है।

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जिले के सभी 154 गोठानों में कुल 14 हजार 56 क्विंटल वर्मी खाद का निर्माण किया गया है। इसमें से 13 हजार 518 क्विंटल का विक्रय कर 1 करोड़ 34 लाख 38 हजार 330 रुपये का आय अर्जित किया गया है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि जिले के 80 गोठानों में कुल 22 हजार 591 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया गया है जिसमें से 3 हजार 946 क्विंटल खाद का विक्रय कर 23 लाख 67 हजार 840 रुपए का आय अर्जित की जा चुकी है।

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जिले के गोठानों में अतिशेष गोबर से उच्च गुणवत्ता के सुपर कम्पोस्ट तैयार किया जा रहा है। सुपर कम्पोस्ट का सभी सहकारी समितियों में भंडारण किया जा रहा है, जहां से किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे। सुपर कम्पोस्ट 6 रुपये प्रति किलो की दर से विक्रय किया जा रहा है।


गोधन न्याय योजना
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा गोधन न्याय योजना (Godhan Nyay Yojana) चलाई जा रही है। इसके तहत 2 रुपए प्रतिकिलो गोबर की खरीदी की जा रही है। खरीदे गए गोबर से खाद बनाकर बिक्री की जा रही है, इससे जिले में संचालित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को लाभ हो रहा है।