यहां है भगवान शिव की 60 फिट ऊंची भव्य प्रतिमा, 12 ज्योतिर्लिंग के होते हैं दर्शन लेकिन इस चीज के लिए तरसते हैं पर्यटक

यहां है भगवान शिव की 60 फिट ऊंची भव्य प्रतिमा, 12 ज्योतिर्लिंग के होते हैं दर्शन लेकिन इस चीज के लिए तरसते हैं पर्यटक

Ram Prawesh Wishwakarma | Updated: 13 Mar 2019, 04:28:04 PM (IST) Ambikapur, Surguja, Chhattisgarh, India

गर्म जलस्रोत के नाम से विख्यात तातापानी में स्ट्रीट लाइट जरूर लगाई गई है लेकिन बिजली नहीं होने से शाम ढलते ही छा जाता है अंधेरा

अंबिकापुर. बलरामपुर जिला मुख्यालय से 13 किमी दूर स्थित तातापानी पर्यटन स्थल जिले का गौरव माना जाता है। यहां गर्म कुंड पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। वहीं 60 फिट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की गई है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रति वर्ष तातापानी महोत्सव मनाया जाता है। केवल महोत्सव के दौरान ही प्रशासन द्वारा साफ-सफाई व रंगरोगन का काम कराया जाता है। इसके बाद उक्त स्थल पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।


प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह स्थल धीरे-धीरे बदरंग होता जा रहा है। जबकि प्रतिदिन दर्जनों लोग जमीन से निकल रहे गर्म पानी के कुण्ड को देखने पहुंचते हैं।

यहां पर न तो पर्यटकों के रहने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और न ही बिजली-पानी की व्यवस्था है। तातापानी पहुंचने वाले पर्यटक पीने के पानी के लिए ही तरसते हैं। जबकि तातापानी यानी जल स्रोत के नाम से प्रसिद्ध है।


गौरतलब है कि कुछ वर्षों पूर्व तातापानी को पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर सीसी सड़क, शेड का निर्माण, धर्मशाला आदि का निर्माण कराया गया था। इसके बाद प्रशासनिक उपेक्षा की वजह से यह स्थल धीरे-धीरे बदरंग होता जा रहा है।

जबकि यहां प्रदेश भर से पर्यटक आते हैं और जमीन से निकल रहे गर्म पानी के कुण्ड को देखकर काफी आकर्षित होते हैं। सबसे आश्चर्य की बात है कि यह पर्यटन स्थल बिजली, पानी सहित कई समस्याओं से जूझ रहा है। यहां पर पर्यटकों को पीने के लिए पानी की भी व्यवस्था नहीं है। यहां शाम ढ़लते ही अंधेरा छा जाता है।


60 फिट ऊंची है शिव की प्रतिमा
यहां 60 फिट ऊंची शिव की प्रतिमा का निर्माण कराया गया है। जो काफी भव्य नजर आता है। प्रतिमा के नीचे 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन होते हैं। यहां धर्मशाला भी बनाया गया है। इससे यहां साल भर लोगों का आना जाना लगा रहता है। यहां की खूबसूरती बढ़ाने 60 फिट का मुख्य द्वार बनाया गया है। गर्म पानी के कुंड में हमेशा पानी उबलता रहता है।


यह है मान्यता
पुजारी (सेवकिया) बिहारी राम भगत ने बताया कि यहां के मान्यता के बारे में बताया कि भगवान श्रीराम ने यहां शिव प्रतिमा की स्थापना कर रमचवरा पहाड़ में विश्राम किया था।

गांव के एक व्यक्ति को सपना आया और उसने शिव मंदिर बनाया और उस समय से यहां स्नान कर शिव दर्शन की परम्परा चली आ रहा है। यहां के कई स्थानों पर धरती से गर्म जल निकलता है। इस गर्म कुण्ड को देखने लोग प्रतिदिन हजारों की संख्या में पहुंचते हैं।

 

tatapani the hot water

कई बीमारी होती है दूर
पुजारी बिहारी राम भगत ने बताया कि धरती से निकल रहे गर्म जल का उपयोग लोग बीमारी ठीक करने में भी करते हैं। गर्म जल से नहाने से 36 प्रकार की बीमारी ठीक होती है। लोग प्रति दिन काफी संख्या में खाज-खुजली, कुष्ठ सहित कई बीमारियों से पीडि़त लोग स्नान करने पहुंचते हैं। यहां के पानी से स्नान करने से बीमारी ठीक हो जाती है। कई लोग यहां के गर्म पानी को बॉटल व जरकिन में भरकर ले जाते हैं और नहाते हैं।


सिंचाई के अभाव में सूख रहे पेड़-पौधे
पर्यटन स्थल को बढ़ावा देने व आस पास के क्षेत्रों को हरियाली रखने के लिए प्रशासन द्वारा पेड़ पौधों व गार्डन का निर्माण तो करा दिया गया है। लेकिन सिंचाई न होने के कारण सभी पौधे सूख रहे हैं।

बिजली की व्यवस्था न होने के कारण पौधों की सिंचाई नहीं हो पाती है। पर्यटकों की सुविधा के लिए शौचालय का भी निर्माण कराया गया है। लेकिन शौचालय में पानी की व्यवस्था न होने के कारण बेकार पड़ा हुआ है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned