अमरीका का बड़ा फैसला, अफगानिस्तान में तालिबान के शासन का समर्थन नहीं करेंगे बाइडेन

  • अमेरिका की सरकार ने कहा है अगर अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन होता है, तो बाइडेन (Joe Biden) इसका समर्थन नहीं करेंगे
  • अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने के लिए अगला कदम उठाने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है

By: Vivhav Shukla

Published: 24 Feb 2021, 03:44 PM IST

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में हिंसा अपने चरम पर है। आए दिन किसी ना किसी जगह बम धमाके हो रहे हैं।तालिबानी, अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौता को भी ताक पर रख दिया है। इस समझौते की सबसे बड़ी शर्त यही थी कि तालिबान शांति स्थापित करने में मदद करेगा, लेकिन शांति की जगह लगातार धमाके हो रहे हैं।

बढ़ते हिंसा को रोकने के लिए अब अमरीका की सरकार (US Government) ने बड़ा फैसला लिया है। अमरीका का कहना है कि अगर अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन होता है, तो अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) इसका समर्थन नहीं करेंगे।

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व्हाइट हाउस (White House) ने भी कहा है कि अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने के लिए अगला कदम उठाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी (Jen Psaki) ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, अफगानिस्तान में अभी लगभग 2,500 अमेरिकी सैनिक हैं। अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन होने पर बाइडेन इसता समर्थन नहीं करेंगे। साकी ने कहा, ‘अफगानिस्तान में अगला कदम उठाने की प्रक्रिया जारी है। फिहलाल इसे लेकर कोई टिप्पणी नहीं किया जा सकता।’

बता दें फरवरी 2020 में तालिबान और अमेरिका के बीच समझौता हुआ था। इसके तत संघर्ष विराम, तालिबान और अफगानिस्तान की सरकार के बीच शांति स्थापना को लेकर बातचीत और एक मई तक सभी विदेशी सेनाओं की वापसी होनी थी। लेकिन अब अमरीका ने इसे रद्द कर दिया है। यानी अमेरिकी सैनिक वापस नहीं लौटेेगें।

वहीं अफगानिस्तान में तालिबानआंतकियों के खिलाफ सैन्य अभियान भी तेज कर दिया गया है। पिछले दो दिनों में अफगान बलों के हवाई हमलों में 90 से अधिक आतंकी मारे गए।

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बौखलाए तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान के ग्रामीण इलाकों में लगातार सुरक्षाबलों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, न्यायाधीशों और राजनेताओं जैसे प्रमुख अफगानी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

Vivhav Shukla
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