विदेशी स्‍टूडेंट्स के Visa मामले में Trump प्रशासन के खिलाफ जॉन हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी ने ठोका मुकदमा

HIGHLIGHTS

  • अमरीका में ऑनलाइन शिक्षा ( Online Education ) ले रहे विदेशी छात्रों के वीजा ( Visa ) रद्द करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के खिलाफ जॉन हॉपकिन्‍स विश्वविद्यालय ( John Hopkins University ) ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
  • इससे पहले हार्वर्ड ( Havard ) विश्वविद्यालय और MIT ( Massachusetts Institute of Technology ) जैसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान भी अमरीकी प्रशासन ( US Administration ) के खिलाफ मुकदमा दायर कर चुके हैं।

By: Anil Kumar

Updated: 12 Jul 2020, 10:46 PM IST

वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( President Donald Trump ) कई बार अपने फैसलों और बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। अब कोरोना संक्रमण के काल में भी ट्रंप सरकार की ओर से लिए जा रहे एक के बाद एक फैसलों पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। इन्हीं में से विदेश छात्रों का वीजा ( Foreign Students Visa ) रद्द किए जाने का एक फैसला है, जिसको लेकर काफी विवाद शुरू हो गया गै।

दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीका में ऑनलाइन शिक्षा ( Online Education ) ले रहे विदेशी छात्रों के वीजा ( Visa ) रद्द करने का फैसला किया, जिसको लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ जॉन हॉपकिन्‍स विश्वविद्यालय ( John Hopkins University ) ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

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बता दें कि इससे पहले हार्वर्ड ( Havard ) विश्वविद्यालय और MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) जैसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान भी अमरीकी प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर कर चुके हैं।

5000 विदेशी छात्र होंगे प्रभावित

जॉन हॉपकिन्‍स विश्वविद्यालय ( John Hopkins University ) ने शुक्रवार को संघीय अदालत में मुकदमा दायर करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन के इस फैसले के कारण विश्वविद्यालय में ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने वाले करीब 5,000 विदेशी छात्र प्रभावित होंगे। विश्वविद्यालय ने आगे यह भी कहा कि 'व्यक्तिगत कक्षाओं में दाखिला नहीं लेने वाले विदेशी छात्रों को वापस उनके देश भेजे जाने के नए नियम से जॉन हॉपकिन्‍स को 'अचानक और अप्रत्याशित' झटका लगा है।

लिहाजा विश्वविद्यालय ने वाशिंगटन की जिला अदालत में दायर अपनी शिकायत में नए वीजा नियमों के प्रस्ताव पर अस्थायी निरोधक आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रोनाल्ड जे डेनियल्स ने प्रशासन के इस निर्णय को अनावश्यक, निर्दयी और प्रतिकूल करार दिया है।

F-1 और M -1 छात्रों को नहीं मिलेगा प्रवेश

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण अमरीका में रह रहे विदेशी छात्रों को लेकर ट्रंप सरकार ने एक बड़ा आदेश जारी किया था। सोमवार को अमरीकी सरकार ने ऐलान किया था कि ऐसे छात्रों का वीजा वापस लिया जाएगा, जिनकी क्लासेज केवल ऑनलाइन मॉडल पर हो रही है।

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इस आदेश को लेकर इमिग्रेशन और कस्टम इनफोर्समेंट डिपार्टमेंट ( Immigration and Custom Enforcement Department ) (आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग) की ओर से एक बयान जारी किया गया, जिसमें ये कहा गया कि जिन छात्रों की केवल ऑनलाइन क्लासेज चल रही है वैसे नॉनइमिग्रैंट F-1 और M -1 छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

विभाग के मुताबिक, ऐसे छात्रों को अमरीका ( America ) में आने की इजाजत नहीं दी जाएगी और जो भी अभी अमरीका में हैं उन्हें देश छोड़कर जाना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो छात्रों को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। बता दें कि भारी संख्या में अमरीका में भारतीय छात्र रहते हैं। ऐसे में ट्रंप सरकार के आदेश के बाद से भारतीय छात्रों को बड़ा झटका लगा है।

नए वीजा नियमों की घोषणा

आपको बता दें कि ट्रंप प्रशासन ( Trump Administration ) ने बीते सोमवार को नए वीजा नियमों की घोषणा की थी। इस नए नियम के तहत अमरीका में शिक्षा हासिल करने वाले उन्हीं विदेशी छात्रों ( Student Visa ) को देश में रहने की अनुमति दी जाएगी जो आने वाले सत्र ( सितंबर से दिसंबर ) में किसी भी संस्थान में व्यक्तिगत तौर पर कक्षाएं ले रहे होंगे।

इस नए वीजा नियम के अनुसार, ऑनलाइन शिक्षा ( Online Education ) ग्रहण करने वाले विदेशी छात्रों को वापस अपने देश लौटना होगा। चूंकि कई अमरीकी विश्वविद्यालयों ने कोरोना महामारी ( Coronavirus ) के कारण ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया, जिसके बाद अब मजबूरन कई विदेशी छात्रों को अमरीका छोड़ना पड़ेगा।

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