
पेंटागनः संदिग्ध लिफाफा भेजने के मामले में FBI के हत्थे चढ़ा पूर्व नौसेना का जवान
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों के नाम भेजे गए पत्रों के मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। जानकारी मिल रही है कि संघीय कानून प्रवर्तन निदेशालय ने रहस्यमयी पत्र के मामले में यूटा प्रांत में एक शख्स को हिरासत में लिया है। एफबीआइ सामरिक एवं खतरनाक सामग्री प्रतिक्रिया कर्मियों ने साल्ट लेक सिटी के बाहर इस संदिग्ध के घर की तलाशी भी ली।
संदिग्ध का नाम विलियम क्लाइड एलन तृतीय
यूटा में अमरीकी अटॉर्नी कार्यालय की प्रवक्ता मेलोडी राइडल्च ने हिरासत में लिए गए संदिग्ध के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पकड़े गए संदिग्ध का नाम विलियम क्लाइड एलन तृतीय है। इसकी गिरफ्तारी के लिए संघीय अभियोजकों ने मंजूरी दी थी।
अमरीकी नौसेना में एक एनलिस्टेड नाविक के रूप में कर चुका है काम
राइडल्च ने बुधवार देर शाम मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी, 'हम साल्ट लेक सिटी में संघीय अदालत में शुक्रवार को शिकायत दायर करने की उम्मीद करते हैं। एलन ने पहले अमरीकी नौसेना में एक एनलिस्टेड नाविक के रूप में सेवा दी थी। वह 1998 में नौसेना में शामिल हुआ और 2002 में नौकरी छोड़ दी। वह सेवा के दौरान अमरीकी नौसेना के नुकसान नियंत्रण दमकलकर्मी ट्रेनी थे।'
ट्रंप, रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस और नेवल ऑपरेशंस के चीफ को भेजे गए थे संदिग्ध लिफाफे
पिछली रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप, रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस और नेवल ऑपरेशंस के चीफ एडमिरल जॉन रिचर्डसन को संदिग्ध लिफाफे भेजे गए थे। बता दें कि इन लिफाफों में भेजे गए एरंड के बीजों में जो राइसिन पाउडर मौजूद होता है उसे गोली, झाग या एसिड के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसको निगल लेने से मतली, उल्टी, पेट में आतंरिक रक्तस्त्राव जैसी समस्या हो सकती है और जान भी जा सकती है।
Published on:
04 Oct 2018 01:20 pm
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