
आणंद. भारत के सबसे बड़े सहकारी उद्योग गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ)-अमूूल के निदेशक मंडल के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पद के लिए मंगलवार को चुनाव हुए। इसमें महेसाणा की दूध सागर डेयरी के अध्यक्ष अशोक चौधरी चेयरमैन और राजकोट की गोपाल डेयरी के अध्यक्ष गोरधन धामेलिया वाइस चेयरमैन पद पर निर्विरोध चुने गए।
90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार और गुजरात के 18 दुग्ध संघों की ओर से उत्पादित अमूल डेयरी प्रोडक्ट की मार्केटिंग फेडरेशन की ओर से की जा रही है। फेडरेशन के वर्तमान चेयरमैन सह साबर डेरी के अध्यक्ष शामल पटेल और वाइस चेयरमैन सह कच्छ की सरहद डेयरी के अध्यक्ष वालमजी हुम्बल का ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद मंगलवार को चुनाव हुए।
चुनाव अधिकारी सह कलक्टर प्रवीण चौधरी ने चुनाव की प्रक्रिया शुरू की। चेयरमैन पद के लिए अशोक चौधरी और वाइस चेयरमैन पद के लिए गोरधन धामेलिया ने अपना नामांकन पत्र भरा। अन्य किसी का नामांकन पत्र जमा नहीं होने पर चुनाव अधिकारी ने दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया।
निर्विरोध चेयरमैन चुने जाने के बाद अशोक चौधरी ने कहा कि अमूल का सफर बहुत लंबा है और अमूल के सामने कोई चुनौतियां नहीं हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेंगे कि पशुपालकों को दूध का सही दाम मिले। साथ ही घास भी पर्याप्त दाम पर उपलब्ध हो। वाइस चेयरमैन गोरधन धामेलिया ने कहा कि आने वाले दिनों में पशुपालकों के विकास के लिए काम किया जाएगा।
गौरतलब है कि फेडरेशन की स्थापना के बाद से चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव में मतदान की कभी आवश्यकता नहीं पड़ी, क्योंकि चुनाव निदेशक मंडल के सदस्यों की ओर से सर्वसम्मति से किया जाता है। 1973 में डॉ. वर्गीज कुरियन ने फेडरेशन की स्थापना की और वे वर्ष 2006 तक इसके अध्यक्ष रहे।