
ahmedabad: गुजरात में मानसून की भले ही तीन चौथाई से अधिक बारिश हो गई हो लेकिन बारिश में असमानता बहुत ज्यादा है। रविवार तक राज्य में औसतन मानसून की कुल 26.87 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 30 वर्षों (1996-2025) के औसत 35.78 इंच का 75.11 फीसदी है।
दक्षिण गुजरात में बारिश सामान्य से अधिक हो चुकी है, जबकि कच्छ और सौराष्ट्र के कई हिस्से अब भी औसत बारिश से काफी कम हैं। मानसून के तीन महीनों में जुलाई सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना रहा। जून में 1.39 इंच, जुलाई में 21.76 इंच और अगस्त में अब तक औसतन 3.73 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस तरह तीनों महीनों में अब तक कुल 26.87 इंच पानी बरस चुका है। दक्षिण गुजरात में औसत से ज्यादा बारिश क्षेत्रवार आंकड़ों में दक्षिण गुजरात सबसे आगे है। इस रीजन में यहां अब तक 62.62 इंच बारिश हो चुकी है, जो 30 साल के औसत 60.71 इंच की तुलना में 103.15 फीसदी है।
पूर्व-मध्य गुजरात में 24.07 इंच यानी औसत की 74.66 फीसदी, उत्तर गुजरात में 16.17 इंच यानी 56.23 फीसदी और सौराष्ट्र में 16.80 इंच यानी 56 फीसदी बारिश हुई है। कच्छ में बारिश की स्थिति सबसे कमजोर है। यहां अब तक केवल 5.76 इंच बारिश हुई है, जो 30 साल के औसत का महज 29.27 फीसदी है। राज्य भर में इस बार बारिश भले ही तीन चौथाई बारिश हो गई है लेकिन कहीं कहीं तो एक चौथाई भी नहीं हुई है। इस बार राज्य में बारिश की असमानता देखी जा रही है। इसका असर फसलों पर भी होने की संभावना है। सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ कुछ भागों में तो कुछ इंच ही बारिश हो पाई है।
दक्षिण गुजरात के कई तहसीलों में बारिश औसत से काफी आगे निकल चुकी है। सूरत जिले की अंबिका में 101.85 इंच बारिश हुई है, जो औसत की 156.50 फीसदी है। नर्मदा की नेत्रंग में 51.26 इंच बारिश के साथ औसत की 151.40 फीसदी बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर देवभूमि द्वारका जिले की द्वारका तहसील में अब तक एक इंच भी बारिश नहीं हुई है। कल्याणपुर में 1.30 इंच और खंभालिया में 3.58 इंच बारिश हुई है। इसी तरह से जिलों में भी बारिश में काफी असमानता झलकी है। कुछ में बहुत कम तो कुछ में बहुत ज्यादा बारिश हुई है।
जिला -कुल बारिश (इंच)
वलसाड -108
डांग- 92-
नवसारी- 91
सूरत -63
तापी -49
जिला- कुल बारिश (इंच)
देवभूमि द्वारका- 2.13
कच्छ 5.76 -
पोरबंदर 6.05
जामनगर 8.50
राजकोट 13.74