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ahmedabad: 10 लाख में 2 को होने वाली दुर्लभ गांठ का सफल ऑपरेशन

संवेदनशील स्थान पर सर्जरी के दौरान रक्तवाहिनियों को नुकसान पहुंचने का गंभीर खतरा रहता है। यही वजह रही कि ऑपरेशन को बेहद चुनौतीपूर्ण माना गया।
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ahmedabad civil hospital

मरीज के साथ चिकित्सकों की टीम।

ahmedabd: पेट में ऐसी जगह गांठ, जहां जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती थी। ऊपर से गांठ इतनी दुर्लभ कि 10 लाख की आबादी में महज 2 से 8 लोगों में ही यह होती है।अहमदाबाद सिविल अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने 65 वर्षीय मरीज के पेट में मुख्य रक्तवाहिनियों के बीच मौजूद इस दुर्लभ गांठ को 6.5 घंटे की जटिल लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक निकाल दिया।

मरीज के पेट में बड़े आकार की रेट्रोपेरिटोनियल पैरागैन्ग्लियोमा गांठ थी। यह गांठ शरीर की दो प्रमुख रक्तवाहिनियों हृदय की ओर अशुद्ध रक्त ले जाने वाली मुख्य शिराइन्फीरियर वेना कावा (आइवीसी) और मुख्य धमनी एओर्टा के बीच स्थित थी।

मरीज अन्य अस्पतालों में ले चुका था परामर्श

मरीज ने पहले सूरत और अहमदाबाद के निजी विशेषज्ञों से परामर्श लिया था। इसके बाद जटिलता को देखते हुए उसे विशेष उपचार के लिए सिविल अस्पताल रेफर किया गया। यहां सीटी स्कैन, पीईटी-सीटी और हार्मोनल जांच के बाद गांठ की स्थिति और प्रकृति स्पष्ट हुई।

ओपन सर्जरी के बजाय दूरबीन से निकाली गांठ

सिविल अस्पताल के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. श्रेणिक शाह के नेतृत्व में ऑपरेशन किया गया। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. भावना रावल ने किया। चिकित्सकों ने पारंपरिक ओपन सर्जरी के बजाय लैप्रोस्कोपिक यानी दूरबीन पद्धति अपनाई। करीब 6.5 घंटे चली सर्जरी में आसपास की महत्वपूर्ण रक्तवाहिनियों को बिना नुकसान पहुंचाए गांठ निकाल दी गई। डाक्टर डॉ. श्रेणिक शाह के अनुसार पैरागैन्ग्लियोमा न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर का अत्यंत दुर्लभ प्रकार है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इसकी घटना दर करीब 10 लाख आबादी में 2 से 8 मामलों तक है। यही इसकी दुर्लभता को दर्शाता है। गौरतलब है कि अस्पताल में बड़ी संख्या में यूरोलॉजी विभाग में उपचार के लिए मरीज आते हैं। यहां किडनी में पथरी का इलाज बिना किसी चीरा लगाए किया जाता है।

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने इसे अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम की क्षमता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जटिल एवं जोखिमपूर्ण मामलों के लिए सिविल अस्पताल राज्य में एक भरोसेमंद रेफरल सेंटर के रूप में जाना जाता है। यही कारण है अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में न सिर्फ अहमदाबाद बल्कि गुजरात के विविध भागों के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों के मरीज भी उपचार के लिए आते हैं।