उदयपुर से अजमेर के बीच रेलवे ने बिजली से चलने वाली रेल दौड़ाने की तैयारियां तेज कर दी है। ट्रेक के सहारे विद्युत लाइन के पोल व तार बिछा दिए गए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो दिसम्बर 2018-19 तक अजमेर-उदयपुर के बीच चलने वाले डीजल इंजन विदा हो जाएंगे।
उदयपुर से अजमेर के बीच रेलवे ने बिजली से चलने वाली रेल दौड़ाने की तैयारियां तेज कर दी है। ट्रेक के सहारे विद्युत लाइन के पोल व तार बिछा दिए गए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो दिसम्बर 2018-19 तक अजमेर-उदयपुर के बीच चलने वाले डीजल इंजन विदा हो जाएंगे।
ऐसे में पटरी पर बिजली से चलने वाली ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी। इलेक्ट्रिक ट्रेन के लिए पूरे ब्लॉक में 6 ट्रेक्शन सब-स्टेशन नसीराबाद, सरेरी, हमीरगढ़, घोसुण्डा, सावली व अरड़क में बनाए जाने हैं।
अजमेर-उदयपुर के बीच रेलवे विद्युतीकरण प्रोजेक्ट का बजट 320 करोड़ 18 लाख रुपए है। ढाई साल की समयावधि में प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना है। लाइन के विद्युतीकरण होने के बाद अजमेर व उदयपुर के बीच ट्रेनों की संख्या भी बढऩे की संभावना है। साथ में ट्रेन की स्पीड भी बढ़ेगी।
लोगों में उत्सुकता : क्षेत्र के लोगों के अनुसार अब तक कोयले व डीजल से चलने वाली ट्रेनें देखी है। अब बिजली से चलने वाली ट्रेनें नजर आएगी। रेलगाडिय़ों को बिजली से ट्रेक पर चलते हुए देखने की उत्सुकता है।
अब ट्रेनों का होगा ठहराव : ब्रॉडगेज से पूर्व यहां 12 गाडिय़ों का ठहराव था। आमान परिवर्तन के बाद वर्तमान में मात्र 4 गाडिय़ों का ठहराव हो रहा है। क्षेत्र के लोगों को इस बात की चिंता है कि इलेक्ट्रिक लाइन होने के बाद कहीं एक भी गाड़ी का ठहराव न हो तो उन पर आर्थिक भार पड़ेगा।