
कानपुर देहात में पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने DM कार्यालय पर धरना दिया (फोटो- पत्रिका)
Kanpur Dehat protest news: कानपुर देहात में उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी अपनी मांगों को लेकर डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सम्मान और उसके आसपास फैली गंदगी से जुड़ा है, जिसे लेकर उन्होंने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी ने कहा कि अकबरपुर तहसील क्षेत्र के फतेहपुर रोशनाई गांव में पिछले लगभग 30 वर्षों से डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है। यह स्थान स्थानीय लोगों के लिए आस्था और सामाजिक सम्मान का केंद्र माना जाता है, लेकिन हाल ही में प्रतिमा के पास एक व्यक्ति को जमीन का पट्टा आवंटित किए जाने के बाद स्थिति बिगड़ गई।
अनिल शुक्ल वारसी का आरोप है कि पट्टा मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा प्रतिमा स्थल के आसपास लगातार गंदगी फैलाई जा रही है। स्थानीय लोग और समर्थक कई बार सफाई कराते हैं, लेकिन स्थिति फिर से खराब कर दी जाती है। इससे बाबा साहब की प्रतिमा के सम्मान को ठेस पहुंच रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर कई बार तहसील और जिला प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व सांसद के अनुसार, उन्होंने एक दिन पहले जिलाधिकारी को भी संदेश भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी थी, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला।
प्रशासनिक उदासीनता से नाराज होकर अनिल शुक्ल वारसी ने डीएम कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना शुरू किया। उन्होंने साफ कहा कि यह फिलहाल शांतिपूर्ण विरोध है, लेकिन यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। वही धरने की जानकारी मिलते ही एडीएम प्रशासन अमित कुमार मौके पर पहुंचे और पूर्व सांसद से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वही, इस घटना के बाद पूरे जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।
Updated on:
1 Jun 2026, 11:29 PM IST
Published on:
1 Jun 2026, 11:29 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.