अंबिकापुर

Aadhar-based attendance: सरकारी दफ्तरों में अब आधार-बेस्ड हाजिरी अनिवार्य, लेट आने वालों को कलेक्टर ने दी ये चेतावनी

Aadhar-based attendance: सरगुजा जिले के 60 विभागों में कार्यरत 12 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी दायरे में, कलेक्टर इसकी खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग
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Updated: 8 Apr 2026, 8:20 PM IST
Aadhar based attendance
Aadhar based attendance demo pic

अंबिकापुर। शासकीय दफ्तरों में कामकाज की रफ्तार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब आधार-बेस्ड उपस्थिति सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है। जिले के सभी विभागों (Aadhar-based attendance) को इससे जोड़ दिया गया है और अधिकारियों को अपने-अपने कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसकी मॉनिटरिंग खुद कलेक्टर कर रहे हैं। यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी यदि ऑफिस में लेट आता है तो इसका जवाब विभागाध्यक्ष को देना होगी। इसके बाद भी लापरवाही बरती जाती है तो वेतन पर असर पड़ेगा।

जिले में करीब 60 विभागों के 12 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति अब आधार के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। इसके लिए लॉग इन आईडी के जरिए ई-अटेंडेंस (Aadhar-based attendance) लिया जा रहा है। खासतौर पर कलेक्टोरेट और राजस्व विभाग में इसकी निगरानी खुद कलेक्टर द्वारा की जा रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराता है तो संबंधित विभाग प्रमुख से जवाब-तलब किया जाएगा। लगातार लापरवाही की स्थिति में वेतन पर भी असर पड़ सकता है।

एनआईसी अधिकारियों के अनुसार जिले में यह व्यवस्था सितंबर 2025 से शुरु की गई थी, जिसमें शुरुआती दौर में करीब 5 हजार कर्मचारियों को जोड़ा (Aadhar-based attendance) गया था। इसके बाद जनवरी 2026 से शासन के निर्देश पर इसे जिले के सभी विभागों में लागू कर दिया गया है।

शिक्षा विभाग अलग व्यवस्था में

हालांकि, शिक्षा विभाग को इस प्रणाली (Aadhar-based attendance) से अलग रखा गया है। वहां कर्मचारियों की उपस्थिति एक अलग ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है।

Aadhar-based attendance: सख्ती से पालन के निर्देश

कलेक्टर अजीत वसंत ने सभी विभागों (Aadhar-based attendance) को निर्देश दिए हैं कि आधार-बेस्ड उपस्थिति का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली समय-सीमा की बैठक में इसकी पूरी समीक्षा की जाएगी, इसलिए सभी विभाग गंभीरता से नियमों का पालन करें। खासकर कार्यालयीन कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस नियमित रूप से दर्ज होनी चाहिए।

Updated on:
8 Apr 2026, 8:20 PM IST
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