
Hsrp number plate: एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाना अनिवार्य है। इसके बावजूद बालोद जिले में कई शासकीय वाहन अब भी पुरानी नंबर प्लेट के सहारे सडक़ों पर दौड़ रहे हैं। पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग सहित कई विभागों के वाहनों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। छत्तीसगढ़ में इसे लगाने के लिए 3 महीने की नई समय-सीमा का प्रस्ताव है।
अन्य राज्यों में इसकी अंतिम तारीख अलग-अलग तय की गई है। विडंबना यह है कि आम नागरिकों के यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर चालानी कार्रवाई की जाती है, लेकिन शासकीय वाहनों में नियमों की अनदेखी पर जिम्मेदार विभागों का ध्यान नहीं जा रहा है। कुछ वाहनों में पंजीयन नंबर तक नहीं है, फिर भी उनका उपयोग मरीजों को लाने-ले जाने में किया जा रहा है।
सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नियमों के अनुसार एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों में एचएसआरपी लगाना अनिवार्य है। इसके उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 500 से 5,000 रुपए तक जुर्माना लग सकता है। यह नियम सरकारी और निजी, दोनों तरह के वाहनों पर लागू है। जिले में अब तक करीब 45 से 50 फीसदी वाहनों में ही एचएसआरपी लग पाई है। प्लेट लगाने के लिए खोले गए अधिकांश केंद्र बंद हो चुके हैं। ऐसे में शेष वाहनों में प्लेट लगाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
नियम सबके लिए है, सभी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाना है। किसी विभाग के वाहनों में नहीं लगा है तो जल्द ही एक पत्र विभागों को जारी किया जाएगा।
—योगेश भंडारी, जिला परिवहन अधिकारी बालोद