शिव क्षेत्र के उपतहसील भिेयाड के कोटड़ियों की ढाणी स्थित क्षतिग्रस्त व जर्जर जीएलआर में पेयजल आपूर्ति होने से कभी भी हादसा हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में वर्षों पृर्व जलदाय विभाग की ओर से जीएलआर का निर्माण करवाया था।चार-पांच माह पूर्व छत भड़भड़ाकर गिर गई।
शिव क्षेत्र के उपतहसील भिेयाड के कोटड़ियों की ढाणी स्थित क्षतिग्रस्त व जर्जर जीएलआर में पेयजल आपूर्ति होने से कभी भी हादसा हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में वर्षों पृर्व जलदाय विभाग की ओर से जीएलआर का निर्माण करवाया था।चार-पांच माह पूर्व छत भड़भड़ाकर गिर गई।
उसके बाद विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाकर क्षतिग्रस्त जीएलआर के निस्तारण की मांग की थी। मांग के बावजूद भी विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त जीएलआर का निस्तारण नहीं किया वहीं उसमें पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जिससे कभी भी हादसा हो सकता है।
''क्षतिग्रस्त जीएलआर को नाकारा घोषित करने के साथ ही नया जीएलआर बनाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है। गांव में दूसरा स्त्रोत नहीं होने से जलापूर्ति की जा रही है। जलापूर्ति के दिन कार्मिक को वहां उपस्थित रहने के लिए पाबंद किया जाता है।'' महेन्द्र कुमार, कनिष्ठ अभियंता भिंयाड़