-एक माह से खुलेआम घूम रहा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का तेंदुआ, वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल। बैतूल/भौंरा। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की मटकुली रेंज से आया एक तेंदुआ पिछले एक माह से भौंरा नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम घूम रहा है। वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद तेंदुआ अब तक […]
बैतूल/भौंरा। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की मटकुली रेंज से आया एक तेंदुआ पिछले एक माह से भौंरा नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम घूम रहा है। वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद तेंदुआ अब तक पकड़ से बाहर है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार शाम स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब तेंदुए ने घर के सामने खेल रहे एक मासूम बच्चे पर हमला कर दिया।
बताया गया कि भौंराढाना निवासी आर्यन पिता दिनेश उइके उम्र लगभग 8 वर्ष शुक्रवार शाम अपने घर के सामने खेल रहा था, तभी अचानक तेंदुआ उसे उठाकर ले जाने लगा। परिजन एवं आसपास के लोगों ने साहस दिखाते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चे को तेंदुए के मुंह से छुड़ा लिया। इस घटना में बच्चा घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। कलेक्टर बैतूल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घायल बच्चे को बेहतर इलाज के लिए एम्स भोपाल रेफर किया है। ब्लॉक सेवादल अध्यक्ष ओमप्रकाश कवडकऱ ने बताया कि तेंदुआ पिछले एक माह से अधिक समय से भौंरा क्षेत्र में सक्रिय है। इस दौरान वह कई बार गाय, कुत्ते, बंदर सहित अन्य पशुओं का शिकार कर चुका है। 21 दिसंबर को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा एसडीएम शाहपुर को तेंदुआ पकडऩे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना के बाद कांग्रेस के विधानसभा प्रत्याशी राहुल उइके, जनपद सदस्य सुधीर नायक एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रेंजर ब्रजेन्द्र तिवारी, पुलिस चौकी भौंरा और विधायक गंगा सज्जन सिंह उइके को ज्ञापन सौंपकर नगर की सुरक्षा के लिए तेंदुआ को तत्काल पकडऩे की मांग की। इधर शनिवार को ग्राम भौंरा की लगभग आधा सैकड़ा महिलाओं ने विधायक गंगा सज्जन सिंह उइके को आवेदन सौंपा। महिलाओं ने तेंदुए को जल्द पकड़वाने और घायल बच्चे के इलाज के लिए हरसंभव मदद की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फॉरेस्ट विभाग केवल औपचारिकताएं निभा रहा है। उनका कहना है कि तेंदुआ दर्जनों मुर्गे,मुर्गियां और बकरियों को भी अपना शिकार बना चुका है। विधायक गंगा सज्जन सिंह उइके ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि वे वन विभाग से चर्चा कर तेंदुए को पकड़वाने के लिए ठोस कदम उठाएंगी तथा घायल बच्चे के इलाज में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि फॉरेस्ट विभाग ने महीना भर पहले 4 हाथी को एसटीआर की तरफ से लाया था, लेकिन वे भी तेंदुआ को नहीं खोज पा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि फॉरेस्ट विभाग की घोषणा करवाई जब किसी की जान पर आ जाती है तब विभाग की आंखें खुलती है।