बेतुल

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारी शुरू, हनुमान जयंती से चलेगा गिलहरी अभियान

-लोगों को गीला-सूखा कचरा अलग करने के लिए किया जाएगा जागरूक, शहर में रोजाना 40 टन तक कचरा हो रहा संग्रहित। बैतूल। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारियों के तहत नगरपालिका ने शहर में स्वच्छता को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस अभियान की शुरुआत हनुमान जयंती के […]

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-लोगों को गीला-सूखा कचरा अलग करने के लिए किया जाएगा जागरूक, शहर में रोजाना 40 टन तक कचरा हो रहा संग्रहित।

बैतूल। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारियों के तहत नगरपालिका ने शहर में स्वच्छता को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस अभियान की शुरुआत हनुमान जयंती के अवसर पर गिलहरी अभियान के रूप में की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे ने बताया कि अभियान की थीम गिलहरी को इसलिए बनाया गया है क्योंकि गिलहरी अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और फुर्ती से काम करने के लिए जानी जाती है। इसी विचार को आदर्श मानते हुए इस अभियान का नाम गिलहरी अभियान रखा गया है।अभियान के दौरान डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाले वाहन चालक और उनके सहायक घर-घर जाकर लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए प्रेरित करेंगे। करीब एक माह तक चलने वाले इस अभियान में नागरिकों से लगातार अपील की जाएगी कि वे स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करते हुए कचरे का पृथक्क रण करें।
प्रतिदिन 35 से 40 टन कचरा संग्रहण
नगरपालिका के अनुसार बैतूल शहर के 33 वार्डों से प्रतिदिन लगभग 35 से 40 टन कचरा एकत्रित किया जाता है। विशेष आयोजनों और त्योहारों के दौरान यह मात्रा और अधिक बढ़ जाती है। प्रतिदिन निकलने वाले कचरे में लगभग 17 से 18 टन गीला कचरा और 10 से 11 टन सूखा कचरा शामिल रहता है। इस कचरे को 39 मैजिक कचरा वाहनों और 5 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से गौठाना स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाकर डंप किया जाता है।
तीसरी बार भी ओम सांई को मिला कचरा संग्रहण का टेंडर
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का टेंडर लगातार तीसरी बार ओम सांई विजन कंपनी को दिया गया है। यह टेंडर एक वर्ष की अवधि के लिए जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार तीन कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था, लेकिन दो कंपनियां नगरपालिका की शर्तों को पूरा नहीं कर सकीं। इसके चलते ओम सांई विजन कंपनी को ही यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल कंपनी पिछले दो माह की अतिरिक्त अवधि मिलने पर कचरा संग्रहण का कार्य संभाल रही थी।

Published on:
01 Apr 2026 08:58 pm
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