खातेदारी जमीन पर माइनिंग अब आसान, प्रीमियम 10 प्रतिशत घटा प्रदेश की वित्त मंत्री दीयाकुमारी ने बजट में खनन, परिवहन और आम जनता के लिए राहतों का पिटारा खोल दिया है। सरकार ने न केवल प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, बल्कि ‘एमनेस्टी योजनाओं’ के माध्यम से सालों से लंबित विवादों […]
प्रदेश की वित्त मंत्री दीयाकुमारी ने बजट में खनन, परिवहन और आम जनता के लिए राहतों का पिटारा खोल दिया है। सरकार ने न केवल प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, बल्कि 'एमनेस्टी योजनाओं' के माध्यम से सालों से लंबित विवादों को खत्म करने का बड़ा मौका भी दिया है। रीको के कान्याखेड़ी क्षेत्र में (लॉजिस्टिक पार्क) में पहुंच मार्ग के विकास के लिए करोड़ों का बजट दिया है। शहर में एलिवेटेड रोड, समेत अन्य प्रमुख सड़के दी हैं।
एक जिला एक उत्पाद के तहत भीलवाडा टेक्सटाइल के लिए चयनित है। बजट में उद्योगों के विस्तारीकरण में 10 प्रतिशत मार्जिन मनी देने का प्रावधान करने से जिले में टेक्सटाइल में एमएसएमई उद्योगों को बड़ी सहायता मिलेगी। उद्यमियों एवं निवेशकों को राहत देने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में कमी की गई है। बैंकों और ऋण दस्तावेजों के अतिरिक्त सभी वित्तीय संस्थानों के ऋणों में स्टाम्प ड्यूटी की दर 0.125 प्रतिशत और अधिकतम 10 लाख रुपए की है। अन्य ऋण दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर को 1 से घटाकर 0.5 प्रतिशत तथा अधिकतम एक लाख रुपए किया है।
टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए पानी की मांग की जा रही थी। उद्योगों के विकास एवं विस्तार के लिए पानी महत्वपूर्ण है। लेकिन बजट में ईस्टर्न केनाल प्रोजेक्ट से भीलवाडा को जोडने की मांग अधूरी रह गई साथ ही राज्य स्तरीय भूजल बोर्ड के गठन भी लम्बित चल रहा है। शहर को जल आपूर्ति के लिए मेजा फीडर के मरम्मत एवं मातृकुण्डिया के रखरखाव कार्य से 25 प्रतिशत पानी की बजच होगी। इससे आमजन व किसानों को राहत मिलेगी।
बजट में खनन क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणा की गई है। अब खातेदारी भूमि पर खनन पट्टे के लिए देय प्रीमियम राशि को 40 से घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही बजरी के विकल्प के रूप में एम सैंड के उपयोग को सरकारी कार्यों में 50 प्रतिशत तक अनिवार्य करने का लक्ष्य रखा गया है। ।
अवैध खनन रोकने और प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने के लिए खनिज विभाग का पुनर्गठन होगा। इसमें 15 नए कार्यालय खोले जाएंगे और 10 एएमई कार्यालयों को एमई कार्यालयों में क्रमोन्नत किया जाएगा। इसके अलावा, वैज्ञानिकों की मदद से 'स्टेट ऑफ आर्ट' खनिज कोर लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी।
आरके जैन, महासचिव मेवाड़ चैम्बर ऑफ कामर्स