- 7 तक भेजनी होगी विद्यालयवार वैकल्पिक व्यवस्था की सूची हादसों से सबक : जर्जर भवन पूरी तरह सील, वैकल्पिक स्थानों पर चल रही पढ़ाई
राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर ने जर्जर विद्यालय भवनों को लेकर गुरुवार को सुनवाई में सख्त रुख अपनाया। अदालत ने निर्देश दिए कि आगामी 9 सितंबर की सुनवाई में विद्यालयवार वैकल्पिक व्यवस्था की सूची पेश करनी होगी। इस पर स्कूल शिक्षा विभाग हरकत में आया और शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने सभी जिला कलक्टरों को आदेश जारी कर 7 सितंबर तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
न्यायालय का संदेश : बच्चों की सुरक्षा जरूरी
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि विद्यार्थियों का जीवन किसी भी तरह के जोखिम में नहीं होना चाहिए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग व प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर बच्चे को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिले। कुणाल के निर्देश के अनुसार सभी कलक्टर अपने-अपने जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट भेजेंगे। यह रिपोर्ट प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर को उपलब्ध कराई जाएगी। रिपोर्ट में प्रत्येक विद्यालय की वैकल्पिक व्यवस्था का विवरण शामिल करना होगा।
हादसों के बाद सतर्क हुआ शिक्षा विभाग
झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे के बाद प्रदेशभर में शिक्षा विभाग की ओर से तकनीकी टीमों का गठन कर विद्यालयों का निरीक्षण करवाया गया। रिपोर्ट में कई भवनों को जर्जर व खतरनाक घोषित किया गया। कुणाल ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए किसी भी कीमत पर जर्जर भवनों में पढ़ाई नहीं होगी। शिक्षा विभाग के अनुसार, जिन भवनों को जर्जर घोषित किया गया है, उन्हें पूरी तरह सील कर दिया गया है। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अन्य राजकीय स्कूल, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, धार्मिक स्थल और सरकारी भवनों में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
भीलवाड़ा का हाल : 116 भवन जर्जर घोषित