- केंद्रीय नेतृत्‍व ने राज्‍यों से मांगा ब्‍यौरा
भोपाल। इस साल के अंत में होने वाले चार राज्यों के विधानसभा और अगले साल 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा की नजर कांग्रेस और अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं पर है। पार्टी ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि ऐसे असंतुष्ट नेताओं का ब्यौरा तैयार किए जाए जो आगे चलकर भाजपा के लिए मददगार साबित हो सकते हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने कांग्रेस को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
भाजपा की सीधी लड़ाई कांग्रेस के साथ
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सीधी लड़ाई कांग्रेस के साथ है। जहां चुनाव पूर्व कांग्रेस के कई असंतुष्ट नेताओं को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है। पार्टी ने ऐसे नेताओं का ब्यौरा तैयार करने के लिए कहा है कि अगर इनको भाजपा में शामिल कराया जाता है तो इसके क्या फायदे और क्या नुकसान हो सकते हैं। साथ ही असंतुष्ट नेताओं का जातिगत समीकरण भी देखा जा रहा है।
भाजपा संदेश सबका साथ, सबका विकास
अगर कोई असंतुष्ट है और उसकी अपनी जाति विशेष में अच्छी पकड़ है तो पार्टी उसे चुनाव लड़ाने के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी सौंप सकती है। अगर कोई कद्दावर नेता भाजपा में शामिल होता है तो पार्टी उसका प्रचार-प्रसार दूसरे राज्यों में भी करेगी। साथ ही यह संदेश भी देगी कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास चाहती है इसलिए लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं।
लोकसभा चुनाव को लेकर भी तैयारी -
सूत्रों के मुताबिक पार्टी लोकसभा चुनाव को लेकर भी तैयारी में जुटी है और ऐसे राज्यों में जहां क्षेत्रीय दल मजबूत स्थिति में है। उन दलों के असंतुष्ट नेताओं पर भी भाजपा की नजर है। पार्टी का मानना है कि ऐसे नेताओं को शामिल कराने से एक संदेश भी जाएगा कि आज भाजपा सबकी पसंद बनती जा रही है।