जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए अपने नेता को कर दिया कटघरे में खड़ा...
भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया के एक बयान से खुद कांग्रेस में ही बवाल मच गया है।
वहीं इसके बाद प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने बावरिया के इस बयान पर उन्हें सही जानकारी नहीं होने की बात कहकर बावरिया को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ बावरिया के इस बयान को लेकर भाजपा में भी सुगबुगाहट तेज हो चली है।
ये है मामला...
दरअसल, सोमवार को विदिशा के जालोरी गार्डन में जिला कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया और गुजरात से आए चिमन भाई वेंडूजा के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की की। यहां कार्यकर्ता किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए, इस दौरान जमकर झूमाझटकी भी हुई। इस दौरान जमकर गाली-गलौज भी हुई।
इसी से नाराज होकर दीपक बावरिया ने RSS को लेकर ऐसा बयान दे दिया है, जिससे कांग्रेस ही असहज हो गई है। दीपक बाबरिया ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आरएसएस से अनुशासन सीखना चाहिए।
यहां उन्होंने कहा कि आरएसएस के अच्छे पहलुओं की तारीफ करने में कोई संकोच नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पं. नेहरू ने भी संघ के अनुशासन का प्रयोग चीन के साथ हुए युद्ध में किया था।
वहीं दीपक बाबरिया के इस बयान के सामने आते ही कांग्रेस असहज स्थिति में आ गई। इस पर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने दीपक बाबरिया के इस बयान पर कहा कि उन्हें आरएसएस के बारे में सही जानकारी नहीं है और नेहरू जी ने कभी आरएसएस का उपयोग नहीं किया। हालांकि गुप्ता ने यह जरूर कहा कि अनुशासन की तारीफ करने में कोई आपत्ति नहीं है।
रीवा में भी हो चुकी है ऐसी घटना...
इससे पहले भी कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के साथ रीवा में कथित रूप से पार्टी कार्यकर्ताओं की झूमाझटकी हुई थी। घटना के बाद प्रदेश कांग्रेस में बवाल मचा था। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर अनुशासनहीनता का मामला लगाकर पार्टी से निकाल दिया था।
इसके बाद बाबरिया के साथ हुए इस बर्ताव से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी नाराजगी व्यक्त की थी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिदायत दी थी कि वे मेरे नजदीकी हैं। ऐसे में इस प्रकार का कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गुटबाजी का परिणाम !...
वहीं जानकारों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी जगजाहिर है। कांग्रेस हाईकमान की लाख कोशिशों के बावजूद प्रदेश में पार्टी नेताओं- कार्यकर्ताओं के बीच की गुटबाजी खत्म नहीं हो पा रही है। जिसके चलते इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं।