भोपाल

एमपी के इस जिले में ‘1586 कॉलोनियों’ में हुए अवैध निर्माण, होगी बड़ी कार्रवाई

MP News: कलियासोत से केरवा, बड़ा तालाब, अरेरा व श्यामला हिल्स तक 44 फीसदी निर्माण अवैध है....

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Mar 06, 2026
construction is illegal प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर के किनारे केरवा-कलियासोत वनक्षेत्र से लेकर बड़ा तालाब के किनारे बफर जोन और अरेरा- श्यामला हिल्स जैसी पहाडिय़ों को जख्मी करने में नगर तथा ग्राम निवेश यानी टीएंडसीपी के अफसरों की बराबरी की भागीदारी है। खुद कैग की 2025 की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। अफसरों की अनदेखी ही तालाब किनारे अतिक्रमण से लेकर पहाडिय़ों व वनक्षेत्र में बड़े निर्माणों की वजह है। अनदेखी का असर 44 फीसदी है। तय भू उपयोग से 44 फीसदी उलट निर्माण हुए।

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ऐसे समझें स्थिति

1-6000 हेक्टेयर का केरवा कलियासोत वनक्षेत्र है। इसमें 2800 हेक्टेयर में तय भू उपयोग से उलट निर्माण हो गए।

    असर: इससे शहर किनारे का वन संकट में आया। जैव विविधता पर असर हुआ। शहर के मौसम व पर्यावरण पर भी विपरित असर दिख रहा है।

    2-जिले की 09 पहाडिय़ों में से चार से अधिक पूरी तरह खत्म हो गई। ये आवासीय व्यवसायिक क्षेत्र बन गए।

      असर: अरेरा, श्यामला को अब कोई हिल्स नहीं मानता। चूनाभट्टी, शाहपुरा पहाड़ी की भी ऐसी ही स्थिति है। कोलार की पहाडिय़ों पर भी कॉलोनियां विकसित हो गई। मनुआभान व बैरागढ़ की ओर पहाडिय़ां भी जमकर खोदी जा रही।

      3-38 वर्गकिमी का बड़ा तालाब अब 20 वर्गकिमी. में भी नहीं रहा। खुद सांसद आलोक शर्मा ने ये तथ्य रखे।

        असर: शहर की जलापूर्ति में 40 फीसदी हिस्सेदारी है। 900 से अधिक प्रजातियों के जीव जंतु पक्षी यहां जैव विविधता बनाए रखते हैं, जिनपर खतरा बढ़ गया। नमभूमि कठोर हुई तो रामसर साइट वेटलैंड का तमगा हट सकता है। तालाब शहर की पहचान है जो अब खतरे में नजर आ रही।

        ये है जिम्मेदार

        टीएंडसीपी के संचालक श्रीकांत बनोठ है। प्रदेशभर में प्लानिंग को अंतिम मंजूरी यही देते हैं। इन्हें विशेष अधिकार है जिसमें ये प्लान फ्रीज होने पर भी अनुमति दे सकते हैं। बीते दो साल में 70 से अधिक बड़ीअनुमतियां दी है।

        टीएंडसीपी की संयुक्त संचालक सुनीता सिंह जिले में अनुमतियां देती है। यहां धड़ल्ले से अवैध व लैंडयूज से हटकर निर्माण हो रहे। शिकायतें भी पहुंच रही, लेकिन एक में भी कार्रवाई नहीं की।

        रिपोर्ट में सामने आई ये स्थिति

        • 126 अवैध मैरिज गार्डन की जानकारी कैग रिपोर्ट में आई।
        • होलसेल फलबाजार व आवासीय भूमि पर अवैध निर्माण हुए।
        • नाले और नदी की खाली जगह पर अवैध निर्माण किए।
        • 96.78 लाख रुपए का शासन को राजस्व का नुकसान हुआ।
        • 33 हजार 016 अनुमतियां निगम ने 2018 से 2021 के बीच जारी की, जिनमें कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं लिया गया।
        • 142 भवन व 43 कॉलोनियों में जांच में पाया कि यहां मिनिमम ओपन स्पेस का उल्लंघन हुआ।
        • प्लानिंग व सुपरविजन कमेटी की बैठकों में 88 से 96% तक कमी।
        • प्रस्तावित भू उपयोग के अनुसार निर्माण कराने की योजना के लक्ष्य में 44 फीसदी तक कमी आई।
        • भोपाल समेत प्रदेश के छह शहरों में 1586 कॉलोनियों में अनाधिकृत अवैध निर्माण तय किए, लेकिन इन्हें हटाया नहीं गया।

        हमारी टीम अनाधिकृत कॉलोनियों व तालाब किनारे के निर्माणों को हटाने तैयार है। बड़ी कार्रवाईयां नजर आएगी। कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

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        Updated on:
        06 Mar 2026 10:53 am
        Published on:
        06 Mar 2026 10:52 am
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