आरजीपीवी के एफडी घोटाले का मामला, एबीवीपी ने किया गांधीनगर थाने का घेराव, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपए के गबन के मामले में आरोपी बनाए गए निलंबित रजिस्ट्रार आरएस राजपूत के दो ड्राइवर ड्राइवर पवन सैनी एवं रफीक को गांधीनगर पुलिस ने शुक्रवार को आसाराम बापू चौराहा से दस्तावेजों के साथ दबोचा। बताया जा रहा है कि पुलिस को गाड़ी में 4 से 5 बोरी दस्तावेज मिले हैं। इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद एबीवीपी ने थाने का घेराव किया और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। एसीपी अनिल शुक्ला ने बताया कि 3 मार्च को आरजीपीवी के पूर्व कुल सचिव एवं अन्य के खिलाफ 19.48 करोड़ के भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों वाहन चालक राजपूत से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। उनसे यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि वह इस मामले में कौन-कौन से राज जानते हैं। हालांकि पुलिस ने इस बात से इनकार किया है कि दोनों वाहन चालकों के पास से आरजीपीवी से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। एसीपी शुक्ला ने बताया कि फिलहाल सिर्फ पूछताछ के लिए दोनों को पकड़ा गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
एबीवीपी ने किया प्रदर्शन
रात करीब 9.45 बजे कार्यकर्ता गांधी नगर थाने में एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए और सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। उनका कहना है कि आरोपी बाहर रहकर साक्ष्यों को मिटा रहे हैं और जांच को प्रभावित कर रहे हैं, इसलिए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाए। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को पकड़ा नहीं जाएगा,वे यहीं डटे रहेंगे।
मयंक से हो रही पूछताछ
गांधी नगर पुलिस ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की शिकायत पर तत्कालीन कुलपति प्रो. सुनील गुप्ता, तत्कालीन रजिस्ट्रार प्रो. आरएस राजपूत, वित्त नियंत्रक ऋषिकेश वर्मा, कुमार मयंक, दलित महासंघ सहित पांच लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस ने कुमार मयंक को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। वहीं पुलिस जल्द ही प्रो. सुनील कुमार और प्रो. आरएस राजपूत से भी पूछताछ की तैयारी में है। कुमार मयंक को पुलिस ने अहमदाबाद से पकड़कर लाई है। हालांकि अभी तक कुमार मयंक ने यह खुलासा नहीं किया कि उसके खाते में क्यों ट्रांसफर किए गए थे।