रंगमंच, संवाद और संवेदना के संगम का शहर एक बार फिर सजीव होने जा रहा है। बीकानेर थिएटर फेस्टिवल के दसवें संस्करण का आगाज 25 फरवरी से होगा। देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुके इस आयोजन में इस बार 500 से अधिक रंगकर्मी शिरकत करेंगे और बीकानेर के दर्शकों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रंगमंच […]
रंगमंच, संवाद और संवेदना के संगम का शहर एक बार फिर सजीव होने जा रहा है। बीकानेर थिएटर फेस्टिवल के दसवें संस्करण का आगाज 25 फरवरी से होगा। देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुके इस आयोजन में इस बार 500 से अधिक रंगकर्मी शिरकत करेंगे और बीकानेर के दर्शकों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रंगमंच से रूबरू कराएंगे। आयोजन समिति के टी.एम. लालाणी और संयोजक हंसराज डागा ने बताया कि फेस्टिवल में बीकानेर के साथ दिल्ली, मुंबई, शिमला, चंडीगढ़, लखनऊ, बेंगलुरु, जबलपुर, बरेली, जयपुर और भीलवाड़ा से रंगमंडल हिस्सा लेंगे। फेस्टिवल के दौरान कुल 20 नाटकों का मंचन किया जाएगा।
शहर के चार प्रमुख मंचों पर होगा रंगारंग आयोजन
नाटकों का मंचन शहर के टाउन हॉल, रवीन्द्र रंगमंच, टी.एम. ऑडिटोरियम, हंसा गेस्ट हाउस में दिनभर अलग-अलग समय पर किया जाएगा, ताकि दर्शक अधिकतम नाटकों का आनंद ले सकें। सभी नाटकों में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। नाट्य मंचन और नुक्कड़ नाटकों के साथ-साथ फेस्टिवल में देश के विख्यात रंगकर्मी प्रतिदिन रंगकर्म के विभिन्न विषयों पर मास्टरक्लास लेंगे। इसका उद्देश्य युवा रंगकर्मियों को रंगमंच की बारीकियों से परिचित कराना है।
मीट द डायरेक्टर से लेकर किताब विमोचन तक
समारोह सह-ंसंयोजक सुदेश व्यास ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान मीट द डायरेक्टर, स्टोरी टेलिंग सेशन, वर्कशॉप, किताब विमोचन, प्रदर्शनी जैसे रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। युवा रंगकर्मी अमित तिवाड़ी, सुनील जोशी, उत्तम सिंह, काननाथ गोदारा, विकास शर्मा, के.के. रंगा और आमिर के संयोजन में युवा रंगकर्मियों की टीम फेस्टिवल की विभिन्न व्यवस्थाएं संभालेगी।