प्रदेश में सबसे बड़ा खाद्य उद्योग बीकानेर में, 2 लाख से अधिक लोग रोजगार से जुड़े, बजट में वित्त मंत्री ने एसआईएफटीईएम स्थापना की घोषणा की
बीकानेर. वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मंगलवार को राज्य बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कुछ नई घोषणाओं को बजट में जोड़ा है। इनमें प्रदेश में ‘स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट’ (एसआईएफटीईएम) की स्थापना करने की बात कही है। यह संस्थान प्रदेश में कहां बनाया जाएगा, यह तय नहीं है। संस्थान स्थापित करने के लिए सरकार अभी उपयुक्त जगह का चयन करेगी। ऐसे में एसआईएफटीईएम पर सबसे बड़ा दावा बीकानेर का बनता है।
इसके पीछे प्रमुख आधार बीकानेर का भुजिया-नमकीन और मिठाई उत्पादन में प्रदेश में अग्रणी होना है। यहां पर खाद्य इंडस्ट्री ने दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रखा है। बीकानेर अपनी पाक कला की उत्कृष्टता, विशेष रूप से अपनी मिठाइयों और भुजिया के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। इसने देशभर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का दिल जीता है। यह शहर एक संपन्न केंद्र है, जहां एक हजार से अधिक खाद्य उद्योग हैं। ये उद्योग हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। जो घरेलू आपूर्ति और निर्यात दोनों को बढ़ावा देते हैं।
बीकानेर की प्रतिष्ठित खाद्य विरासत और पर्याप्त औद्योगिक संस्थानों को आगे बढ़ाने के लिए खाद्य प्रौद्योगिकी को समर्पित अत्याधुनिक संस्थान की आवश्यकता है। बजट में घोषित यह संस्थान बीकानेर को खाद्य प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और उद्यमिता में नवाचार और उत्कृष्टता का केंद्र बना सकता है। यह सुविधा न केवल हमारे राज्य की बढ़ती मांगों को पूरा करेगी, बल्कि खाद्य क्षेत्र के विकास को भी गति देगी।
बीकानेर. वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में मंगलवार को बजट चर्चा में बीकानेर जिले से जुड़ी कुछ घोषणाएं और की, जो इस प्रकार हैं-
- लूणकरनसर के गांव कतरियासर, मालासर, लाडेरा, मोलानिया एवं बीकानेर के करणीसर में पेयजल योजना के सुदृढ़ीकरण एवं पुनरुद्धार कार्य के लिए 16 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।
-संभाग मुख्यालय पर 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कॉरपोरेट सर्टिफिकेशन प्रोग्राम संचालित करने के लिए ‘राजस्थान फिनिशिंग स्कूल सेंटर’ की स्थापना की जाएगी।
- संभाग मुख्यालय के सभी सरकारी कॉलेजों में बीबीए और एमबीए कोर्स शुरू किए जाएंगे। साथ ही बीसीए और एमसीए कोर्स चरणबद्ध रूप से शुरू किए जाएंगे। सभी महाविद्यालयों में कम्प्यूटर साइंस विषय खोला जाएगा।
-जिला स्तर पर फॉरेन लैंग्वेज कम्यूनिकेशन स्किल स्कीम के तहत फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, जापानी, इंटेलियन, रशियन आदि भाषाओं में सर्टिफिकेट कोर्स कराने की सुविधा मिलेगी।
-प्रदेश के 20 हजार किसानों को भूमि सुधार के लिए नि:शुल्क जिप्सम उपलब्ध कराया जाएगा। जिप्सम का भरपूर उत्पादन बीकानेर में होता है। इसका फायदा मिलेगा।