बीकानेर

सद्भावना केन्द्र से प्राप्त कर सकेंगे पुराने कपड़े, जूते, किताबें और फर्नीचर

जरुरतमंद लोगों की सहायता के लिए अब शहर में पांच स्थानों पर सद्भावना केन्द्रों का संचालन होगा। नगर निगम की ओर से इन केन्द्रों का संचालन किया जाएगा। दानदाता अपने पुराने कपड़े, जूतें, किताबें, फर्नीचर, इलेक्ट्रोनिक सामान, सजावटी सामान आदि इन केन्द्रों में जमा करवा सकेंगे। निगम इन समानों को रैक में व्यव​िस्थत रूप से रखेगा। जरुरतमंद लोगों को निशुल्क वितरित किए जाएंगे। शहर का पहला सद्भावना केन्द्र नगर निगम कार्यालय परिसर में तैयार हो रहा है। अगले सप्ताह से इसके संचालन की संभावना है।

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Jan 12, 2025

बीकानेर. जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए शहर में सद्भावना केन्द्र सहभागी बनेंगे। पांच स्थानों पर ऐसे केन्द्रों का संचालन होगा। शहर का पहला सद्भावना केन्द्र नगर निगम मुख्य कार्यालय परिसर में तैयार हो रहा है। जल्द ही इसका संचालन प्रारंभ होगा।इन केन्द्रों के माध्यम से जरूरतमंद लोग पुराने कपड़े, किताबें, जूते, खिलौने, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावटी सामग्री, प्लास्टिक अथवा धातुओं से बनी अन्य वस्तुएं निशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। इन केन्द्रों का संचालन नगर निगम की ओर से किया जाएगा। शेष चार केन्द्रों के लिए स्थान चयन की प्रक्रिया चल रही है।

दानदाता दे सकेंगे सामग्री

सद्भावना केन्द्र दानदाताओं से प्राप्त सामग्री का वितरण जरूरतमंद लोगों में करेंगे। निगम आयुक्त के अनुसार दानदाताओं से प्राप्त पुराने कपड़े, किताबें,जूते, खिलौने, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावटी सामग्री, प्लास्टिक अथवा धातुओं से बनी अन्य वस्तुओं का वर्गीकरण कर पृथक रूप से संधारित किए जाएंगे। केन्द्र में प्राप्त होने वाली सामग्री का रेकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। रजिस्टर में दानदाता का नाम, मोबाइल नम्बर, पता एवं उपलब्ध करवाए गए सामान का वितवरण आदि अंकित किए जाएंगे। प्राप्त सामान की दानदाता को रसीद भी दी जाएगी।

रोज आठ घंटे संचालन

सद्भावना केन्द्रों का संचालन सोमवार से शनिवार तक होगा। प्रात: 10 बजे से शाम 6 बजे तक केन्द्रों से जरुरतमंद लोग सामान प्राप्त कर सकेंगे व दानदाता सामग्री जमा करवा सकेंगे। केन्द्रों के संचालन के लिए मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत उपलब्ध मानव संसाधन का उपयोग किया जाएगा। निगम की ओर से सद्भावना केन्द्रों का संचालन सामुदायिक केन्द्रों, आम्बेडकर भवनों, सार्वजनिक स्थलों, अनुपयोगी सरकारी भवनों, आश्रय स्थलों आदि में किया जाएगा, जहां पर शहरी गरीबों का घनत्व होगा।

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