रक्त नलिकाओं की दीवारों पर पड़ने वाले दबाव को रक्तचाप या ब्लड प्रेशर कहते हैं
रक्त नलिकाओं की दीवारों पर पड़ने वाले दबाव को रक्तचाप या ब्लड प्रेशर कहते हैं। हाई ब्लड प्रेशर को हाईपरटेंशन व लो ब्लड प्रेशर को हाइपोटेंशन कहते हैं।
कारण : तनाव, चिंता, ज्यादा नमक व मिर्च मसाले वाला खाना, अनियमित दिनचर्या, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल व असंतुलित खानपान।
लक्षण : सिरदर्द, बेचैनी, घबराहट, अनिद्रा और मानसिक तनाव।
इलाज : हल्के गुनगुने पानी में पैर डालकर बैठने से ब्लड पैरों की तरफ आ जाता है जिससे बढ़ते ब्लड प्रेशर में आराम मिलता है।
सिर को गीला करने या गीला तौलिया लपेटने से भी बढ़ते हुए ब्लड प्रेशर और सिरदर्द में आराम मिलता है।
(नोट: विशेषज्ञ की सलाह से ही आजमाएं)
नेचुरोपैथी
- सिर, रीढ़ की हड्डी और आंखों पर गीला कपड़ा या ठंडे पानी की पट्टी रखने से लाभ होता है।
- अर्जुन छाल का पाउडर या काढ़ा पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। दिल व रक्तवाहिनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल कम होता है, - जिससे हाईपरटेंशन में कमी आती है। खानपान: छाछ, नारियल पानी और लौकी का रस पीएं।