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Immunity Booster: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पिएं हरे रंग की बोतल में पानी

Immunity Booster: नेचुरोपैथी में रोग के अनुसार रंगीन कांच की बोतल का चुनाव किया जाता है। इसमें इन रंगों की कांच की बोतल में पानी भरकर और उसके ऊपर लकड़ी का कॉर्क (ढक्कन) लगाकर सूर्योदय के समय लकड़ी के पटरे पर रख दिया जाता है और सूर्यास्त के समय इस पानी को उठा लिया जाता है...

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Apr 21, 2020
Immunity Booster: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पिएं हरे रंग की बोतल में पानी

Immunity Booster In Hindi: इलाज के लिए रंगों का प्रयोग पुराने समय से होता आ रहा है और यह आज भी उपयोगी है। विशेषज्ञों के अनुसार नेचुरोपैथी की सूर्य किरण चिकित्सा में लाल, पीले, नारंगी, हरे, बैंगनी, आसमानी और नीले रंग से इलाज किया जाता है।

कैसे होता है इलाज
नेचुरोपैथी में रोग के अनुसार रंगीन कांच की बोतल का चुनाव किया जाता है। इसमें इन रंगों की कांच की बोतल में पानी भरकर और उसके ऊपर लकड़ी का कॉर्क (ढक्कन) लगाकर सूर्योदय के समय लकड़ी के पटरे पर रख दिया जाता है और सूर्यास्त के समय इस पानी को उठा लिया जाता है। इस पानी को दिन में कभी भी पी सकते हैं। यह प्रयोग कई तरह के रोगों को दूर करता है।

किस रोग में कौन से रंग की बोतल फायदेमंद
अगर सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार है तो लाल, पीले व नारंगी रंग की बोतल में पानी भरकर रखें।
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी है तो हरे रंग की बोतल का इस्तेमाल करें। नीली, आसमानी या बैंगनी रंग की बोतल के प्रयोग से एसिडिटी, अल्सर, ब्लड प्रेशर व पेट संबंधी रोगों में आराम मिलता है।

Published on:
21 Apr 2020 09:13 pm
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