पतले होने के चक्कर में लोग ज्यूसी डाइट पर निर्भर रहने लगे हैं लेकिन अमरीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी लिक्विड डाइट दांतों के लिए सही
पतले होने के चक्कर में लोग ज्यूसी डाइट पर निर्भर रहने लगे हैं लेकिन अमरीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी लिक्विड डाइट दांतों के लिए सही नहीं। इससे इनेमल लेयर को नुकसान पहुंचता है और आप धीरे-धीरे सेंसेटिविटी की समस्या के शिकार हो जाते हैं।
जब हम फलों का रस पीते हैं तो दांतों के चारों ओर शुगर या एसिड की एक परत बन जाती है जो दांतों को सड़ाने का काम करती है। लेकिन यदि आप सब्जियों का सूप या रस पीते हैं तो यह इतना खतरनाक नहीं होता। वैसे भी फलों के जूस से बेहतर उन्हें चबाकर खाना है क्योंकि इससे शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति होती रहती है। फलों का रस पीना भी पड़े तो उसे स्ट्रॉ आदि से ही पिएं।
यही नहीं, वक्त-बेवक्त स्नैक्स खाने से और फेनिल जल पीने से भी दांतों की सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है। इससे धीरे-धीरे दांतों में दर्द शुरू हो जाता है। सेंसिटीविटी भी पैदा होने लगती है।