अगर आप किसी रोग की दवा ले रहे हैं तो बॉडी फ्रेंडली हो चुकी दवा डॉक्टर की सलाह पर बदलते रहें।
यदि आपको कोई बीमारी है और लंबे समय से आपकी दवा चल रही है तो उसे डॉक्टरी सलाह पर बदलते रहें क्योंकि एक तरह की दवा बॉडी फ्रेंडली हो जाती है और रोगग्रस्त कोशिका पर उसका असर नहीं होता है। इस लापरवाही के कारण सेहत को फायदा होने की जगह नुकसान होने लगता है, एक ही दवाई को लंबे समय तक खाते रहने दवा बीमार कोशिका के आसपास के हिस्सों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। इससे सेहत को कोई लाभ नहीं होता है।
दवा लेने के समय का ध्यान रखें -
यदि आप किसी बीमारी के लिए दवा ले रहे हैं तो दवा लेने के समय में किसी तरह का हेरफेर या बदलाव न करें। अगर दवा लेने के समय में बदलाव करते रहेगे तो बीमारी ठीक होने के बजाए रोगी की परेशानी और ज्यादा बढ़ती जाएगी। दवा खून से पूरे शरीर में पहुंचती है जिससे बड़ी परेशानी हो सकती है। बच्चों को बिना डॉक्टरी सलाह के दवा न दें।
योग और एक्सरसाइज भी करें-
बीमारी के लिए दवा खाने के बाद डॉक्टरी सलाह पर योग और अन्य तरह की एक्सरसाइज करने से शरीर में उसके कार्य करने की क्षमता बहुत बढ़ जाती है। बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा न लें। कभी भी अपने मन से दवा न लें।
सावधानी है जरूरी -
दवा खाने के साथ उसके रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बड़ी समस्या का कारण है। दवा डॉक्टर द्वारा बताए गए तय समय पर ही खानी चाहिए।