योग और मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से हृदय रोगों में व तनाव में फायदा होता है।
आजकल की अव्यवस्थित जीवनशैली की वजह से दिल से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होने लगी हैं। मानसिक तनाव, खराब खानपान के कारण ब्लड प्रेशर, दिल नसों में ब्लॉकेज हो जाता है। योग और मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से हृदय रोगों में व तनाव में फायदा होता है। इसे योग विशेषज्ञ के निर्देशन में ही करें।
सूर्य नमस्कार : 'सूर्य नमस्कार' का अभ्यास सबसे बेहतर है। यह आपको एक साथ 12 योगासनों का फायदा देता है और इसीलिए इसे सर्वश्रेष्ठ योगासन भी कहा जाता है। सूर्य नमस्कार से ब्लड सर्कुलेशन बढिय़ा और हृदय रोगों का खतरा कम होता है। सूर्य नमस्कार के 12 चरण का हर रोज अभ्यास करने से दिमाग सक्रिय और एकाग्र बनता है। सुबह के समय खुली जगह पर इसे करें, जहां आपको ताजा हवा मिले।
भुजंगासन : भुजंगासन को सर्पासन, कोबरा आसन या सर्प मुद्रा भी कहा जाता है। इस मुद्रा में शरीर सांप की आकृति बनाता है। ये आसन जमीन पर लेटकर और पीठ को मोड़कर किया जाता है। भुजंगासन का अभ्यास खाली पेट ही करना चाहिए। पेट के बल लेटकर दोनों हाथ छाती के पास रखें। सांस पर ध्यान केंद्रित करते हुए शरीर को ऊपर उठाएं। फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में आ जाएं।
पश्चिमोत्तासन : पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करते समय शरीर के पिछले हिस्से यानी रीढ़ की हड्डी (Spine) में खिंचाव उत्पन्न होता है । इस आसन को करने से शरीर का पूरा हिस्सा खिंच जाता है और यह शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। सीधे बैठकर दोनों पैरों को फैलाएं। हाथ ऊपर की ओर उठाएं। झुककर पैरों के अंगूठों को पकड़ें। घुटने न मोड़ें। यह हृदय के लिए फायदेमंद है।
सर्वांगासन : इस आसन को करने से आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे और किसी भी प्रकार की बीमारी भी नहीं होगी। हृदय और श्वसन प्रणाली को मजबूत करता है। पीठ के बल सीधा लेटकर पैरों को मिलाएं। हथेली जमीन से सटाकर रखें। सांस अन्दर भरते हुए हाथ-पैरों को 90 डिग्री तक उठाएं।