- हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है विश्व कैंसर दिवस।- 1933 में हुई थी विश्व कैंसर दिवस मनाने की शुरूआत।- इसकी स्थापना यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल यानी UICC ने की थी।
हर साल दुनियाभर में कैंसर से बचाव और उसके प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से 04 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस World Cancer Day 2021 मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस मनाने की शुरुआत साल 1933 में हुई थी। इस साल विश्व कैंसर दिवस की थीम है "मैं हूं और मैं रहूंगा" (आई एम एंड आई विल) I Am and I Will है। ये थीम साल 2019 से 2021 तक यानि तीन साल के लिए रखी गई है जो इस साल भी कायम है। कैंसर कई तरह के होते हैं, लेकिन जो केस सबसे ज्यादा सामने आते हैं उनमें स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, पेट का कैंसर, ब्लड कैंसर, गले का कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, अंडाशय का कैंसर, प्रोस्टेट (पौरुष ग्रंथि) कैंसर, मस्तिष्क का कैंसर, लिवर (यकृत) कैंसर, बोन कैंसर, मुंह का कैंसर और फेफड़ों का कैंसर शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रमुख तीन प्रकार के कैंसर सर्वाधिक है। इसमें मुंह, बच्चेदानी और स्तन प्रमुख हैं। सबसे पहले विश्व कैंसर दिवस वर्ष 1993 में जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल (ढ्ढष्टष्ट) के द्वारा मनाया गया था।
कैंसर दिवस मनाने की वजह -
विश्व कैंसर दिवस कैंसर के खतरों के बारे में आम लोगों को जागरूक करने और इसके लक्षण और बचाव के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो ये समझते हैं कि ये बीमारी छूने से फैलती है जिसके चलते लोग कैंसर के मरीजों से अच्छा व्यवहार नहीं करते. कैंसर के संबंध में फैली गलत धारणाओं को कम करने और कैंसर मरीजों को मोटीवेट करने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। इसके लिए सरकारी और गैर-सरकारी संघठन विश्व भर में कैंप, लेक्चर और सेमीनार का आयोजन करते हैं। पहले विश्व कैंसर दिवस जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में ढ्ढष्टष्ट के द्वारा मनाया गया था।
कैंसर के लक्षण -
शरीर के किसी हिस्से में गांठ महसूस होना, निगलने में कठिनाई होना, पेट में लगातार दर्द बने रहना, घाव का ठीक न होना, त्वचा पर निशान पड़ जाना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना, कफ और सीने में दर्द होना, थकान और कमजोरी महसूस होना, निप्पल में बदलाव होना, शरीर का वजन अचानक से कम या ज्यादा होना।