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Asha Bhosle Death: 92 साल में आशा भोसले का निधन, ICU में थी भर्ती

Asha Bhosle Death: बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर आशा भोसले का निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पटिल में अंतिम सांस ली है।
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Updated: 12 Apr 2026, 1:11 PM IST
Asha Bhosle Death at 92
आशा भोसले का निधन

Asha Bhosle Passed Away: लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले का निधन हो गया है, उन्होंने 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। कल मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में उन्हें भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। वह ICU में भर्ती थी और खबर आई थी कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन रविवार को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है। तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

आशा भोसले का हुआ निधन (Asha Bhosle Passed Away)

आशा ताई के निधन की खबर मिलते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार को मुंबई में किया जाएगा। सोशल मीडिया पर फैंस और फिल्मी हस्तियां नम आंखों से अपनी चहेती गायिका को याद कर रहे हैं। यह खबर इसलिए भी ज्यादा भावुक करने वाली है क्योंकि उनके निधन से कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी। पीएम मोदी ने 'एक्स' (ट्विटर) पर लिखा था, "आशा भोसले जी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सुनकर चिंतित हूं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।"

अस्पताल में चल रहा था इलाज

इससे पहले, उनकी पोती जनाई भोसले ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा कर जानकारी दी थी कि आशा जी को अत्यधिक थकान और सीने में संक्रमण (चेस्ट इन्फेक्शन) की वजह से भर्ती कराया गया है। उन्होंने फैंस से प्राइवेसी बनाए रखने और दुआएं करने की अपील की थी। उस वक्त उम्मीद जताई जा रही थी कि वे जल्द ठीक होकर घर लौटेंगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

संगीत का एक विशाल अध्याय

आशा भोसले महज एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का एक हिस्सा थीं। उन्होंने अपने करियर में 12 हजार से भी ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। 'दम मारो दम', 'पिया तू अब तो आजा', 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को' और 'इन आंखों की मस्ती के' जैसे उनके हजारों गाने आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं। उन्होंने गजल, भजन, पॉप और शास्त्रीय संगीत—हर शैली में महारत हासिल की थी।

आर.डी. बर्मन (पंचम दा) और ओ.पी. नैयर जैसे दिग्गजों के साथ उनकी जुगलबंदी ने संगीत के इतिहास में कई मील के पत्थर स्थापित किए। भारत सरकार ने उन्हें 'दादासाहेब फाल्के' और 'पद्म विभूषण' जैसे सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा था। अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के बाद आशा जी का जाना संगीत प्रेमियों के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। आज हर उस शख्स की आंख नम है, जिसने कभी न कभी आशा जी की आवाज में प्यार, दर्द या खुशी को महसूस किया है।

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12 Apr 2026, 1:11 PM IST
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