एयर चीफ मार्शल ने ही सैन्य प्रोजेक्ट्स में देरी पर भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन को लेकर गहरे सवाल खड़े किए थे।
Defence deal in india : भारतीय सेनाओं को और फौलादी बनाने की तैयारी है। देश के डिफेंस एक्वीजिशन काउंसिल ने 1.03 लाख करोड़ रुपये के बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। इस रकम से भारत की तीनों सेनाओं- Indian Air Force, Indian Army और Indian Navy की ताकत बढ़ाई जाएगी। उन्हें वे सब मारक हथियार और मिलिट्री उपकरण मिलेंगे, जो दुश्मन को धराशायी करने में काम आएंगे। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि काउंसिल ने मिसाइल व दूसरे सैन्य साजो-सामान समेत तमाम मिलिट्री उपकरण जुटाने का प्रोसेस शुरू कर दिया है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस प्रस्ताव में तीनों सेनाओं के लिए Armoured recovery vehicles and Electronic warfare system के साथ-साथ Surface-to-air missiles की खरीद होगी। इस खरीदारी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में काउंसिल ने मंजूरी दी। इस सौदे से घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
इस साजो सामान के मिलने के बाद तीनों सेनाओं की मोबिलिटी और एयर डिफेंस सिस्टम प्रभावी व मजबूत हो जाएगा। सेना की किसी भी लड़ाई की तैयारी या दुश्मन के हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। रक्षा सौदे में Mine counter measure vessels, Super rapid gun mount और Submersible autonomous vessels की खरीदारी भी शामिल है।
बता दें कि कुछ महीने पहले एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने ही सैन्य प्रोजेक्ट्स में देरी पर भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन को लेकर गहरे सवाल खड़े किए थे। उन्होंने 83 Tejas Mk1A लड़ाकू विमानों की डिलीवरी अब तक न होने पर सवाल उठाया था। उनके मुताबिक मार्च 2024 में इसकी डिलीवरी करने की बात तय हुई थी। लेकिन इंतजार लंबा हो रहा है। सरकार ने भी 2023 में लोकसभा में माना था कि डिफेंस के 55 में से 23 प्रोजेक्ट समय से काफी पीछे चल रहे हैं। अब इस नई रक्षा खरीद से सेना का मनोबल बढ़ेेेेगा।