
चित्तौडगढ़। होटल पर हुए खूनी संघर्ष में जान गंवाने वाले 22 वर्षीय प्रभुलाल के हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ कर रख दिया है। प्रभुलाल अपने घर का इकलौता चिराग था, जिस पर पूरे परिवार की उम्मीदें टिकी थी। उसके जाने के बाद अब इस घर में सिर्फ सन्नाटा और चीख-पुकार शेष है।
मृतक के पिता शंकर कीर और मां दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने के लिए सब्जी बेचने का काम करती है। बेटे की मौत के बाद बुजुर्ग माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार को जब ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे, तब मृतक की पत्नी और मां की आंखों से बहते आंसू हर आंख को नम कर रहे थे।
पत्नी बार-बार यही कह रही थी "मेरे पति को वापस लाओ, हत्यारों को फांसी दो।" इन सब के बीच सबसे मार्मिक दृश्य वह था, जब मृतक का एक साल का अबोध बच्चा सबकी गोद में घूम रहा था। उसे तनिक भी आभास नहीं था कि उसके सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ चुका है। वह कभी मां की फफकती सिसकियों को तो कभी आसपास की भीड़ को नासमझ नजरों से देख रहा था। बच्चे को देख आंखें नम हो रही थी।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शनिवार सुबह करीब 11 बजे चंदेरिया क्षेत्र के बाजार बंद करवाकर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और धरने पर बैठ गए।
हंगामे की सूचना मिलते ही बस्सी थाना प्रभारी प्रेम सिंह और चंदेरिया पुलिस चौकी से शंकर लाल मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, आक्रोशित लोग आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीडि़त परिवार के लिए मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोपहर करीब 3 बजे पुलिस उप अधीक्षक (ग्रामीण) दिनेश सुखवाल और स्थानीय तहसीलदार घटनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और सरकार से हरसंभव सहायता दिलाने का ठोस आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद गुस्साए लोग माने और दोपहर करीब 3.45 बजे धरना समाप्त हुआ। इसके बाद बाजार की दुकानें खुलीं और यातायात सुचारू हो सका।
कीर समाज के प्रदेशाध्यक्ष हरिवंश कीर और समाज की ओर से मुख्यमंत्री के जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलवाने, मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक सहायता और बच्चे की पढ़ाई फ्री करवाने और दस दिनों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
चंदेरिया थाना पुलिस के अनुसार, गत 8 अक्टूबर की रात्रि करीब 9.30 बजे हाईवे स्थित रोलाहेड़ा रोड पुलिया के पास एक होटल में कुछ लोग खाना खा रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोपियों ने हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में आकोदिया हाल चंदेरिया निवासी प्रभुलाल कीर (22) पुत्र शंकर लाल कीर, दीवान सिंह और भरत मीणा गंभीर रूप से घायल हो गए।
आनन-फानन में सभी घायलों को जिला मुख्यालय स्थित श्रीसांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर प्रभुलाल कीर को उदयपुर रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान 9 अक्टूबर की देर शाम उसकी मौत हो गई। मृतक के शव का पोस्टमार्टम उदयपुर स्थित महाराणा भूपाल चिकित्सालय में शनिवार को कराया गया। पुलिस ने मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के पिता शंकर लाल कीर की रिपोर्ट पर चंदेरिया थाना पुलिस ने घटना की रात्रि में चंदेरिया निवासी लक्की, मोनू खां, गोल्डी खान, राहुल चौहान, अर्जुन भाटी, दिलीप सिंह सहित 4-5 अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट करने और हत्या आदि का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने कुछ लोगों से पूछताछ भी कर रही है।