
Lalita Sahasranama Stotra : जीवन में धन-संपत्ति की अहमियत भला कौन नहीं जानता! पैसों के बिना जिंदगी का कोई सुख प्राप्त नहीं किया जा सकता। शास्त्रों में भी धन का महत्व रेखांकित किया गया है। वैसे तो सभी युगों में अर्थ की प्रधानता रही है, पर वर्तमान के भौतिक युग में तो पैसों के बिना जीना ही संभव नहीं रहा। हालांकि पैसा कमाना भी आसान नहीं है। ज्योतिषीय और धार्मिक ग्रंथों में ऐसे अनेक उपाय बताए गए हैं जिनसे प्रचुर पैसा प्राप्त किया जा सकता है, जीवन में धन की कमी दूर की जा सकती है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि धन संपत्ति के लिए मां ललिता त्रिपुर सुंदरी की आराधना सर्वश्रेष्ठ कही गई है। उन्हें प्रसन्न करने के लिए ललितासहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। 40 दिनों तक नियमित पाठ से धन की दिक्कत दूर हो सकती है।
चाह तो सभी को रहती है पर पैसा प्राप्त करना सबसे कठिन
धन की चाह तो सभी को रहती है पर पैसा प्राप्त करना सबसे कठिन होता है। यह देखा जाता है कि किसी के पास तो अथाह धन है और कोई सभी योग्यताओं के बाद भी पाई-पाई को तरस रहा है। ज्योतिषीय आधार पर इसे पूर्व जन्मों का फल और प्रारब्ध कहा जाता है। ज्योतिषियों की मानें तो पूजा पाठ करके धन की कमी समाप्त की जा सकती है।
ऐश्वर्य, धन-संपत्ति के लिए देवी ललिता की आराधना सबसे उत्तम फलकारक मानी गई है। पूर्ण मनोयोग से मां ललिता की पूजा करने से धन की स्वाभाविक आवक होने लगती है, धन कमाने के हमारे प्रयास तुरंत सफल होने लगते हैं। विशेष बात तो यह है कि माता ललिता की उपासना और उनकी कृपा से भोग के साथ मोक्ष भी मिलता है।
देवी ललिता की उपासना का सबसे सरल उपाय है- ललितासहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करना। पंडित सोमेश परसाई के अनुसार करीब 25 मिनिट में पूरा होनेवाले इस पाठ से धन की कमी दूर होने लगती है। धन की कामना के लिए ललितासहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ लगातार 40 दिनों तक करें। पूर्णिमा, एकादशी या शुक्ल पक्ष के किसी भी मंगलवार से यह पाठ शुरु कर सकते हैं। माता ललिता त्रिपुर सुंदरी की विधिविधान से पूजा कर पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से ललितासहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करने का करीब डेढ़ माह में खुद ब खुद प्रभाव दिखने लगेगा। संभव हो तो जीवन भर इसका पाठ करें, आप धनवान बने रहेंगे।