
Rubina Dilaik controversy: हर किसी का अपना नजरिया होता है, लेकिन किसी के बारे में राय बनाने से पहले क्या हम उसके बारे में पूरी बात जानते हैं? सोशल मीडिया के दौर में एक क्लिप, एक हेडलाइन या कमेंट सेक्शन देखकर लोग कई बार पूरी कहानी तय कर लेते हैं। ऐसी ही एक बातचीत में रुबीना दिलैक ने इसी सोशल मीडिया ट्रोलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न के अपने अनुभव शेयर किए हैं।
रुबीना ने बताया कि कई बार लोग किसी विषय की पूरी जानकारी लिए बिना ही सामने वाले को जज करना शुरू कर देते हैं। उनके मुताबिक, ट्रोलिंग का सिलसिला इतना बढ़ गया था कि उन्हें आखिरकार पुलिस में शिकायत तक करनी पड़ी।
रुबीना ने बातचीत में बताया कि सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग सिर्फ कमेंट्स तक सीमित नहीं रही। कुछ लोगों ने उनकी बेटियों को भी निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की बातें भी सुनने को मिलीं कि 'तुम्हारे घर में आकर कुछ ठोकेंगे।' उन्होंने सोशल मीडिया की पहुंच पर बात करते हुए कहा कि इंटरनेट ने लोगों को उन तक पहुंचने का मौका दे दिया है, जिनसे शायद आमने-सामने कभी सामना न हो। इसी वजह से कई लोग बिना पूरी जानकारी के भी अपनी राय रखने और दूसरों को जज करने लगते हैं।
रुबीना के मुताबिक, कुछ लोगों ने उनके परिवार और उनकी जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उनका कहना था कि लोग घर बैठे सिर्फ एक क्लिप देखते हैं और उसी के आधार पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर देते हैं।
रुबीना ने सोशल मीडिया पर जल्दबाजी में राय बनाने की आदत पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि लोगों के पास किसी मामले की तह तक जाने का समय नहीं होता, लेकिन उसी मामले पर फैसला सुनाने का समय जरूर होता है।
उन्होंने बताया कि पुराने परिचितों की ओर से भी लोगों को टैग करके उनके बारे में आपत्तिजनक बातें लिखी जाने लगीं। मामला बढ़ने पर उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला लेना पड़ा। रुबीना ने ये भी कहा कि उस वक्त उन्हें ये भी लगा था कि आखिर पुलिस वाले क्या ही करेंगे, लेकिन स्थिति ऐसी हो गई थी कि शिकायत करना जरूरी लगा।
इतना ही नहीं, हिना खान ने भी एक घटना का जिक्र किया, उसमें उनके मुताबिक वो अपना संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने बताया कि वो मुंह से 'जन गण मन' गा रही थीं और अपने हाथों को पीछे-आगे करके खुद को बैलेंस करने की कोशिश कर रही थीं। इस घटना को लेकर उन्हें काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। हालांकि, रुबीना ने ये भी स्पष्ट किया कि हर तरह की आलोचना को वो गलत नहीं मानतीं।
रुबीना दिलैक ने आगे कहा कि इस पूरे सिलसिले में उन्हें एक खास तरह की आलोचना सही लगी। उनके मुताबिक, एक फेमस क्रिकेटर ने राष्ट्रीय ध्वज को लेकर जिस तरह का व्यवहार किया था, उस पर सवाल उठाना उन्हें सही लगा। रुबीना की बात का मूल संदेश यही रहा कि आलोचना और ट्रोलिंग में फर्क है। किसी घटना को पूरी तरह समझे बिना एक क्लिप के आधार पर किसी व्यक्ति या उसके परिवार को निशाना बनाना सिर्फ सोशल मीडिया की बहस नहीं रह जाता, बल्कि ये निजी जिंदगी तक पहुंच सकता है।