पर्यावरण

कचरे से कमाई’ की ओर बढ़े दुनिया, गुजरात ने दिखाई राह

भारत में ई-वेस्ट, स्क्रैप मेटल, पुराने वाहनों और सोलर रिसाइक्लिंग समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए 11 समर्पित सर्कुलर इकोनॉमी नीतियां लागू की गई हैं। गुजरात औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रहा है।
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Mahatma
गांधीनगर में आयोजित वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम के समापन वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री प्रवीण माली एवं मुख्य सचिव मनोज कुमार दास समेत अन्य उपस्थित रहे।

पर्यावरण बचाने के लिए केवल नई चीजें बनाने के बजाय पहले से मौजूद संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा और समझदारी से इस्तेमाल करना होगा। यही सर्कुलर इकोनॉमी की मूल भावना है। गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम-2026 (डबल्यूसीईएफ ) के समापन समारोह में गुजरात के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री प्रवीण माली ने यह बात कही।

‘इकोमार्क’ लोगो का अनावरण

दो दिवसीय वैश्विक सम्मेलन के समापन पर पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए ‘इकोमार्क’ के लोगो का अनावरण किया गया। इस मौके पर भारत और विदेशों से आए प्रतिनिधियों ने टिकाऊ विकास और सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

माली ने कहा कि गुजरात सर्कुलर इकोनॉमी और सतत विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। गुजरात की वेस्ट टू एनर्जी पॉलिसी-2022 कचरे से ऊर्जा बनाने को बढ़ावा देती है, जबकि गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026 में उत्पादों की मरम्मत, पुन: उपयोग और री-मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया है।

एआइ और डेटा बदलेंगे अर्थव्यवस्था का तरीका

फिनलैंड की पर्यावरण मंत्री सारी मुल्ताला ने कहा कि डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और तकनीक सर्कुलर इकोनॉमी को वैश्विक वास्तविकता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सर्कुलर इकोनॉमी केवल पर्यावरण से जुड़ा विचार नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का भी अवसर है।

11 सर्कुलर इकोनॉमी नीतियां लागू

मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने कहा कि भारत में ई-वेस्ट, स्क्रैप मेटल, पुराने वाहनों और सोलर रिसाइक्लिंग समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए 11 समर्पित सर्कुलर इकोनॉमी नीतियां लागू की गई हैं। गुजरात औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रहा है।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) चेयरमैन डॉ. अमनदीप गर्ग ने कहा कि सम्मेलन में 66 देशों के 2,700 से अधिक प्रतिनिधि और करीब 260 वक्ता शामिल हुए। चार प्लेनरी और 16 समानांतर सत्रों में सर्कुलर इकोनॉमी के वित्तीय, तकनीकी और नीतिगत पहलुओं पर चर्चा हुई। 125 से अधिक प्रदर्शकों ने भी अपने समाधान और अनुभव प्रस्तुत किए। समापन पर अगले वर्ष डबल्यूसीईएफ की मेजबानी करने वाले अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर को बैटन सौंपा गया।

Updated on:
16 Sept 2026 10:54 pm
Published on:
16 Sept 2026 10:40 pm