
मोहाली/फरीदकोट। सीबीआई ने मोहाली की विशेष अदालत में अर्जी दायर करके बरगाड़ी बेअदबी मामले की जांच में जुटी पंजाब पुलिस को रोकने का आग्रह किया है। अदालत ने 10 जुलाई को अगली सुनवाई तय की है। और राज्य सरकार समेत अन्य सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। सीबीआई ने जांच में कुछ नहीं पाया था। पंजाब पुलिस की एसआईटी ने यह केस खोल दिया है। सीबीआई की याचिका के पीछे क्या उद्देश्य है, इस बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है।
2015 का है मामला
मालूम हो कि पंजाब पुलिस के डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा की अगुवाई वाली विशेष जांच दल (एसआईटी) ने हाल ही में वर्ष 2015 के श्री गुरु ग्रंथ साहिब चोरी के मामले में 7 डेरा अनुयायियों को गिरफ्तार किया था। इसमें डेरा सिरसा मुखी गुरमीत राम रहीम व डेरा कमेटी के तीन सदस्यों को नामजद करते हुए सभी 11 के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी।
यूं चल रही जांच
प्रमुख पुलिस उपमहानिरीक्षक रणबीर सिंह खटड़ा के नेतृत्व में बनी एसआईटी श्री गुरु ग्रंथ साहिब के चोरी होने, इसके बाद बरगाड़ी में पोस्टर लगाने और फिर पावन स्वरूप की बेअदबी करने की जांच कर रही है। तीनों मामलों में अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। पुलिस महानिरीक्षक कुंवर विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक और एसआईटी बनाई गई है, जो बेअदबी के बाद बहिबलकलां व कोटकपूरा में हुए गोलीकांड की जांच कर रही है। यह एसआईटी पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उपमुख्यमंत्री व अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और अभिनेता अक्षय कुमार से भी पूछताछ कर चुकी है।
तारीखों में जानिए पूरा घटनाक्रम
1 जून 2015 : फरीदकोट के गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की चोरी
25 सितंबर 2015 : बुर्ज जवाहर सिंह के गुरुद्वारा साहिब के बाहर लगे आपत्तिजनक शब्दों वाले पोस्टर।
12 अक्टूबर 2015 : बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के बाहर पावन ग्रंथ की बेअदबी।
14 अक्टूबर 2015 : बहिबलकलां में सिख भड़के, पुलिस फायरिंग में दो नौजवानों की मौत।
14 अक्टूबर 2015 : कोटकपूरा के मुख्य चौक में पुलिस के बल प्रयोग से 100 लोग घायल।
15 अक्टूबर 2015 : मुख्यमंत्री ने SIT व न्यायिक आयोग का गठन किया।
21 अक्टूबर 2015 : बहिबल गोलीकांड के मामले में अज्ञात पुलिस पार्टी पर हत्या का केस।
15 नवंबर 2015 : राज्य सरकार ने बेअदबी मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी
30 जून 2016 : जस्टिस जोरा सिंह आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी।
14 अप्रैल 2017 : कैप्टन सरकार ने जस्टिस (रिटा.) रणजीत सिंह आयोग का गठन किया।
7 अगस्त 2018 : कोटकपुरा मुख्य चौक पर फायरिंग करने पर अज्ञात पुलिस अधिकारियों पर इरादा ए कत्ल का केस दर्ज।
16 अगस्त 2118 : जस्टिस रणजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी।
27 अगस्त 2018 : जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश।
10 सितंबर 2018 : एडीजीपी प्रबोध कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन।
22 जून 2019 : बेअदबी मामले में गिरफ्तार डेरा प्रेमी महिंदरपाल बिट्टू की पटियाला की नाभा जेल में हत्या।