
CM Yogi Adityanath Vijayadashami speech Gorakhpur: विजयादशमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और रावण के विनाश का जिक्र करते हुए समाज में एकता और न्याय की अपील की। उन्होंने कहा कि शक्तिशाली रावण भी अपने पापों के कारण नष्ट हो गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने ऋषि-मुनियों पर हो रहे अत्याचार, अन्याय और अधर्म के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लिया। उन्होंने समाज में अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने की प्रतिज्ञा की। उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा ‘निसिचर हीन करहु मही, भुज उठाइ प्रान कीन्ह’ को पूरा किया और इस धरती से राक्षसों और बुरी शक्तियों का पूर्ण रूप से सफाया कर दिया।
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि लंका तक पुल बनता है और अयोध्या के दो राजकुमार तीनों लोकों पर विजय पाने वाले रावण को हरा देते हैं। विशाल परिवार और अपार शक्ति के बावजूद रावण को अपने कुकर्मों का फल भुगतना पड़ा। अत्याचारी अंत में नष्ट हो ही जाते हैं। हजारों वर्षों से देशभर में गांव-गांव में विजयादशमी उत्साह के साथ मनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की जनता को विजयादशमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारी हजारों वर्षों की सांस्कृतिक विरासत भगवान श्रीराम के आदर्शों, वचनों और कर्मों में झलकती है। श्रीराम के आदर्शों के माध्यम से विजयादशमी का पावन पर्व पूरे देश को एक सूत्र में बांधता है।
उन्होंने रामलीलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे गांवों में होने वाली रामलीलाएं समानता और एकता का आदर्श प्रस्तुत करती हैं, जैसा भगवान राम ने हजारों साल पहले अपने कर्मों से दिखाया था। इसमें कोई भेदभाव, उत्पीड़न या अन्याय नहीं होता।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर समाज को बांटने और भारत को कमजोर करने की कोशिश करते हैं, वे रावण से प्रेरित हैं। रावण भी एकता को नष्ट करना चाहता था। जब भारत कमजोर होता है तो राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ और सोमनाथ जैसे मंदिरों का अपमान होता है और नारी की गरिमा का हनन होता है।