
Jitu Patwari : ग्वालियर में मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हादसों में हो रही मौतों पर राज्य सरकार को घेरा। वे शीतला माता हादसे के प्रभावितों से मिलने पहुंचे हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश सामूहिक मौतों का गढ़ बन रहा है पर राज्य सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
ग्वालियर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अस्पताल पहुंचकर शीतला माता मंदिर हादसे में घायलों से मुलाकात की। वे मृतकों के परिजनों से भी मिले। जीतू पटवारी ने हादसे को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा-
मध्यप्रदेश सामूहिक हत्याकांड की राजधानी बन गया है। 16 लोगों की मौत की जिम्मेदारी किसकी, सरकार जवाब दे। ग्वालियर कलेक्टर और SP पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जीतू पटवारी ने कहा कि 1:30 बजे हादसा हुआ जबकि 4:30 बजे सरकारी मदद पहुंची। घायल मदद के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर राहत नहीं मिली। हादसे में घायल हुए लोगों के परिजनों ने भी बताया है कि समय पर सरकारी मदद पहुंचती तो कई लोगों की जान बच सकती थी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने हादसे में दोनों पैर गंवाने वाले घायल के परिवार को आर्थिक मदद नहीं मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। जीतू पटवारी ने सागर, इंदौर, ग्वालियर और मुरैना की घटनाओं का जिक्र कर राज्य सरकार पर निशाना साधा। सस्पेंड करने के बाद अधिकारियों को दोबारा पोस्टिंग और प्रमोशन देने पर सवाल उठाए। जीतू पटवारी बोले- नेताओं के लिए कारपेट बिछाने वाली सरकार पीड़ितों की सुध नहीं ले रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा प्राइवेट अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने नहीं पहुंचने पर भी सवाल उठाया।
ग्वालियर में मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कहते हैं, "देश में कोई और ऐसी जगह नहीं है जहाँ मध्य प्रदेश की तरह इतनी बार सामूहिक मौतें होती हों, या जहाँ ऐसी घटनाओं के बारे में इतनी बार सुनने को मिलता हो। हाल ही में, CO सिरप (खांसी की दवा) पीने से 26 बच्चों की मौत हो गई, लेकिन राजनीतिक तौर पर सरकार में किसी को भी इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। इंदौर में जहरीला पानी पीने से 36 लोगों की मौत हो गई, लेकिन राजनीतिक तौर पर कोई जवाबदेह नहीं है। हाल ही में, जहरीली शराब पीने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, फिर भी राजनीतिक तौर पर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया…"